पटना में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का 20वां दिन
पटना और पटना सिटी में अतिक्रमण विरोधी अभियान लगातार बीसवें दिन भी जारी रहा। नगर निगम की टीम ने सब्जी मंडी, मीट बाजार और मछली बाजार में दुकानों और ठेलों पर बुलडोजर चलाकर अवैध कब्जे हटाए। कई दुकानदारों ने इसका विरोध किया और कहा कि जब तक उन्हें वैकल्पिक स्थान नहीं दिया जाता, तब तक दुकानें तोड़ना अनुचित है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह अभियान 31 दिसंबर 2025 तक चलता रहेगा।
दुकानदारों का गुस्सा और विरोध प्रदर्शन
अमुकुआं मछली बाजार में कार्रवाई के दौरान एक पुरुष और एक महिला दुकानदार फूट-फूटकर रोने लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उनकी बात नहीं सुन रही है और बिना विकल्प दिए उनकी रोजी-रोटी छीन रही है। एक दुकानदार ने गुस्से में कहा, “क्या हमलोगों को ही बिहार में बीजेपी जिताने का इनाम मिला है? यदि ऐसा ही चलता रहा तो हम अपने परिवार के साथ राज्यपाल के आवास के बाहर जहर खाकर जान दे देंगे।” महिला दुकानदार सीमा देवी ने कहा कि पहले उन्हें सुरक्षित स्थान पर दुकान लगाने का अवसर दिया जाए, फिर ही उनकी दुकानों को तोड़ा जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बच्चों का पेट नहीं भरा तो वे चोरी या डकैती जैसी घटनाओं में लिप्त हो सकते हैं।
प्रशासन का दावा और चेतावनी
नगर निगम के राजस्व अधिकारी रवि भूषण प्रसाद ने बताया कि पूरे शहर में शांति और व्यवस्था के साथ अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई 31 दिसंबर 2025 तक जारी रहेगी। अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि शहर को जाम और अव्यवस्थित बाजारों से मुक्त कराने के लिए सख्त कदम जरूरी हैं।
पटना सिटी के अंचल अधिकारी चंदन कुमार ने बताया कि सब्जी मंडी में दुकानदारों ने सड़क पर स्थायी कब्जा कर रखा था। दो दिन पहले ही उन्हें चेतावनी दी गई थी कि वे अपनी दुकानें खाली कर दें, लेकिन उन्होंने निर्देश का पालन नहीं किया। उन्होंने कहा कि सड़कें आम जनता की हैं और इन पर अवैध कब्जा कर व्यवसाय करना अस्वीकार्य है। इसी कारण आज बुलडोजर चलाकर जगह खाली कराई गई।
यह अभियान अब पटना के लोगों के बीच चर्चा का विषय बन चुका है। जहां प्रशासन इसे शहर की सफाई और सुधार का प्रयास बता रहा है, वहीं छोटे दुकानदारों का कहना है कि इससे उनकी रोजी-रोटी पर असर पड़ा है और वे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।











