महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की मौत पर सवाल
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान दुर्घटना में निधन को लेकर बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में लगातार वरिष्ठ नेताओं से जुड़ी घटनाएं चिंता का विषय हैं और इनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
पप्पू यादव ने स्पष्ट किया कि ममता बनर्जी द्वारा उठाए गए सवालों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। जब किसी बड़े नेता से संबंधित मामले पर सवाल खड़े होते हैं, तो इसकी जांच जरूरी हो जाती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में नागरिकों और जनप्रतिनिधियों का यह अधिकार है कि वे घटनाओं पर सवाल करें। यदि किसी मामले में संदेह उत्पन्न होता है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
सीबीआई जांच की मांग और जांच की पारदर्शिता
पप्पू यादव ने इस संदर्भ में केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई से जांच की मांग का समर्थन किया और कहा कि जांच से किसी को डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि जांच पारदर्शी और समय पर हो, तो अफवाहें और आशंकाएं भी दूर हो सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश में लगातार ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जिन पर सवाल उठते हैं, लेकिन जांच की धीमी रफ्तार जनता का भरोसा प्रभावित करती है।
सामाजिक और शिक्षा से जुड़े मुद्दे
इसके अलावा, उन्होंने यूजीसी के नए नियमों को लेकर सरकार की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के बाद भी सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। यादव ने कहा कि शिक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर निर्णय विशेषज्ञों और विश्वविद्यालयों की राय के आधार पर ही होना चाहिए।
उन्होंने सवर्ण समाज और सामाजिक मुद्दों पर भी अपनी राय व्यक्त की। कहा कि किसी भी विषय को सवर्ण और गैर सवर्ण के नजरिए से नहीं देखना चाहिए। याद दिलाया कि जब सवर्ण आयोग बना या गरीब सवर्णों को दस प्रतिशत आरक्षण मिला, तो समाज ने इसे स्वीकार किया। उनका मानना है कि शोषण किसी एक जाति तक सीमित नहीं है, बल्कि हर वर्ग ने अपने स्तर पर शोषण किया है।









