बिहार में बड़े राजनीतिक बदलाव: नितिन नवीन और नीतीश कुमार ने छोड़ी विधानसभा सदस्यता
बिहार की राजनीतिक परिदृश्य में सोमवार को दो प्रमुख नेताओं ने अपने पद से इस्तीफा देकर हलचल मचा दी है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बिहार विधानसभा की सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया है, जिसे विधानसभा के स्पीकर प्रेम कुमार ने स्वीकार कर लिया है। इसी के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। दोनों नेता हाल ही में राज्यसभा के सदस्य चुने गए थे, जिसके बाद उन्होंने अपने विधानसभा पदों से त्यागपत्र दिया।
नितिन नवीन का राजनीतिक सफर और विधानसभा से इस्तीफा
बांकीपुर सीट से लगातार पांच बार विधायक रहे नितिन नवीन ने अपने इस्तीफे की घोषणा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (Twitter) पर की। उन्होंने लिखा कि पिछले 20 वर्षों से वे अपने स्वर्गीय पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के सपनों को साकार करने के लिए बांकीपुर का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता का भरोसा उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण है और वे बिहार के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखेंगे। राज्यसभा सदस्य बनने के बाद उन्होंने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि उनका राजनीतिक फोकस अब राष्ट्रीय स्तर पर है।
नीतीश कुमार का विधान परिषद से इस्तीफा और बिहार की राजनीति में नई दिशा
वहीं, जनता दल (यूनाइटेड) (JDU) के नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी सोमवार को बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने 16 मार्च को राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद यह कदम उठाया, क्योंकि एक ही समय में दोनों सदनों का सदस्य रहना संभव नहीं है। अब बिहार की राजनीति में बांकीपुर सीट पर उपचुनाव की संभावना बन गई है, जो इस क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। यह सीट नवीन परिवार का गढ़ मानी जाती है, और इस चुनाव का परिणाम जेडीयू और बीजेपी दोनों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।









