बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री का जनसभा भाषण
बिहार विधानसभा चुनाव के संदर्भ में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को सीतामढ़ी जिले में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने वादा किया कि यदि एनडीए की सरकार बनती है, तो बिहार में एक रक्षा कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा और प्रत्येक जिले में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की जाएगी। शाह ने स्पष्ट किया कि इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और बिहार आत्मनिर्भर राज्य के रूप में विकसित होगा।
बाढ़ से मुक्ति के लिए विशेष योजना का ऐलान
शाह ने कहा कि बिहार के गंडक, कोसी और गंगा नदियों के कारण हर साल बाढ़ की समस्या उत्पन्न होती है। उन्होंने घोषणा की कि यदि एनडीए सरकार बनती है, तो बिहार को बाढ़ मुक्त बनाने के लिए एक विशेष आयोग का गठन किया जाएगा। उन्होंने कहा, “चंद्रगुप्त मौर्य के काल से ही बिहार बाढ़ की मार झेल रहा है, अब इसका स्थायी समाधान निकाला जाएगा।” यह कदम बिहार की जलवायु और जीवनशैली में स्थिरता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
सांस्कृतिक, धार्मिक और बुनियादी विकास योजनाएं
गृह मंत्री ने बताया कि उन्होंने 850 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले सीता मंदिर का भूमिपूजन किया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सीतामढ़ी से अयोध्या तक वंदे भारत ट्रेन सेवा शुरू की जाएगी और रामजानकी पथ के निर्माण पर 550 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा, मिथिलांचल क्षेत्र को 500 करोड़ रुपये की लागत से एक वैश्विक ज्ञान केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जो क्षेत्र के सांस्कृतिक और शैक्षिक विकास में सहायक होगा।
बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार
अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार बिहार में अयोध्या-सीतामढ़ी रेल लाइन के दोहरीकरण पर पांच हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी। साथ ही पटना, दरभंगा, पूर्णिया और भागलपुर के हवाई अड्डों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने का भी वादा किया। उन्होंने यह भी कहा कि हर जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाएगी ताकि स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हो सकें।
राजनीतिक आरोप और विकास के दावे
शाह ने राजद-कांग्रेस गठबंधन पर भी तीखा हमला बोला और कहा कि लालू यादव के शासन में केवल घोटाले ही हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जोड़ी ही बिहार को विकास के मार्ग पर ले जा सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि मोदी सरकार ने पिछले दस वर्षों में बिहार को 18.70 लाख करोड़ रुपये की सहायता दी है, जबकि राजद-कांग्रेस शासन के दौरान यह राशि केवल 2.80 लाख करोड़ रुपये थी।









