बिहार चुनाव की तिथियों का ऐलान और राजनीतिक हलचल
बिहार विधानसभा चुनाव के लिए तारीखों का ऐलान हो चुका है, और चुनावी तैयारियां भी पूरी हो चुकी हैं। हालांकि, सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में सीटों के बंटवारे को लेकर अभी भी असमंजस बना हुआ है। एनडीए के विभिन्न घटक दल अपनी-अपनी मांगें और रुख लेकर सामने आए हैं, जिससे सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तय करना अभी भी चुनौती बना हुआ है। इस बीच पटना में राजनीतिक गतिविधियों में तेजी देखी जा रही है।
पटना में नेताओं की बैठकें और सीटों को लेकर चर्चा
पटना में आज लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) से लेकर बिहार में एनडीए सरकार का नेतृत्व कर रही जनता दल (यूनाइटेड) तक के नेताओं की बैठकें हो रही हैं। सीटों के बंटवारे को लेकर चल रही खींचतान के बीच चिराग पासवान की पार्टी एलजेपीआर ने एक आपातकालीन बैठक बुला ली है। यह बैठक सुबह 10 बजे पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित होगी, जिसकी अध्यक्षता बिहार चुनाव के लिए पार्टी के प्रभारी अरुण भारती करेंगे। इस बैठक में पार्टी के सह चुनाव प्रभारी (बिहार), प्रदेश अध्यक्ष, जिलों के प्रभारी और प्रमुख नेताओं को भी शामिल किया जाएगा। बैठक का मुख्य एजेंडा चुनावी रणनीति और सीटों के बंटवारे पर चर्चा है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बैठक और सीटों पर चर्चा
वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी अपने आवास पर जेडीयू के वरिष्ठ नेताओं की बैठक बुलाई है। यह बैठक सुबह 10 बजे शुरू होगी, जिसमें सीट शेयरिंग के साथ ही उम्मीदवार चयन पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। जानकारी के अनुसार, नीतीश कुमार इस बैठक में बिहार चुनाव में अपनी पार्टी की स्थिति मजबूत करने के लिए सीटों का बंटवारा और उम्मीदवारों की सूची पर चर्चा करेंगे। जेडीयू का मानना है कि वह बिहार चुनाव में बड़े भाई की भूमिका निभाना चाहता है और इसके लिए वह बीजेपी से अधिक सीटों की मांग पर अड़ा है।










