मुंगेर के दूधपनिया गांव में पानी की गंभीर समस्या
मुंगेर (Munger) जिले के हवेली खड़गपुर (Haveli Kharagpur) अनुमंडल के घंटा पंचायत का दूधपनिया गांव पिछले कई वर्षों से दूषित और फ्लोराइड युक्त पानी पीने को मजबूर है। इस गांव के निवासी बताते हैं कि जहरीले पानी के कारण धीरे-धीरे कई लोग शारीरिक रूप से कमजोर और दिव्यांग बन रहे हैं। बीते एक वर्ष में ही छह ग्रामीणों की मौत हो चुकी है, जिससे पूरे गांव में भय और आक्रोश व्याप्त है।
स्वास्थ्य संकट और प्रशासन की कोशिशें
जब ‘आजतक’ की टीम ने इस समस्या को प्रमुखता से उठाया, तो प्रशासन ने जागरूकता दिखाई। खबर के बाद गांव में एक नया चापाकल लगवाया गया, लेकिन जांच में उसमें भी फ्लोराइड की मात्रा अत्यधिक पाई गई। इस कारण उस चापाकल का उपयोग तुरंत बंद कर दिया गया, परंतु ग्रामीण मजबूरी में अभी भी उसी पानी का सेवन कर रहे हैं।
गांव की स्थिति और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां
दूधपनिया गांव में लगभग 45 परिवार रहते हैं, जिनकी कुल आबादी करीब 200 है। इनमें से कई परिवारों के सदस्य फ्लोराइड से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे हैं। गांव के विनोद बैसरा का पूरा परिवार इस बीमारी का शिकार है। वह 2019 से खाट पर पड़े हैं और उनके हाथ-पैर व कमर पूरी तरह से कमजोर हो चुके हैं। इलाज के बावजूद हड्डियों में ताकत नहीं बची है, और रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली है। उनकी पत्नी, बेटी और बेटा भी इसी समस्या से पीड़ित हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि अभी भी 15 से अधिक लोग मांसपेशियों और हड्डियों के तेज दर्द से परेशान हैं। बीते एक साल में जिन छह लोगों की मौत हुई, उनमें फूलमानी देवी, रमेश मुर्मू, मालती देवी, सलमा देवी, रंगलाल मरांडी और झुमरी देवी शामिल हैं। इन मृतकों के परिवार का कहना है कि बीमारी शुरुआत में पैरों में दर्द से होती है, जो धीरे-धीरे कमर तक पहुंच जाती है और फिर आधा शरीर जाम हो जाता है। इलाज के बावजूद राहत नहीं मिल पाई और अंततः मौत हो गई।
मीडिया में खबर आने के बाद कुछ सुधार जरूर हुआ है, लेकिन पानी की समस्या अभी भी जस की तस बनी हुई है। जिला प्रशासन ने बंद कर दिए गए चापाकल को रेड क्रॉस का निशान लगा कर बंद कर दिया है। अब नल-जल योजना की टंकी को दुरुस्त कर उसमें फिल्टर लगाया गया है, और ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि इस पानी को गर्म करके ही पीएं। गांव की मुख्य मांग है कि स्थायी रूप से स्वच्छ और सुरक्षित पानी उपलब्ध कराया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ी इस बीमारी से बच सके।
हवेली खड़गपुर (Haveli Kharagpur) के एसडीएम राजीव रोशन ने बताया कि दूधपनिया गांव में सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा कि नया चापाकल फ्लोराइड अधिक होने के कारण बंद कर दिया गया है, और फिलहाल नल-जल योजना के पानी को गर्म कर उपयोग करने की सलाह दी गई है। साथ ही, बहुत जल्द गांव को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। बीमार लोगों का स्वास्थ्य जांच कर उन्हें आवश्यक इलाज मुहैया कराया जाएगा, और इस समस्या का स्थायी समाधान खोजने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं।











