बिहार चुनाव में महागठबंधन का नेतृत्व तेजस्वी यादव कर रहे हैं
बिहार विधानसभा चुनाव के लिए महागठबंधन ने तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया है। इस गठबंधन ने साथ ही उपमुख्यमंत्री पद के लिए भी उम्मीदवार तय किए हैं। विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के प्रमुख मुकेश सहनी को उपमुख्यमंत्री पद का दावेदार बनाया गया है। सहनी ने अपने एक इंटरव्यू में कहा कि कभी भी ऐसा नहीं हुआ कि अति पिछड़े वर्ग का बेटा उपमुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बने। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने जीवनभर एक टिकट के लिए संघर्ष किया, और आज वह दिन है जब केवट-मल्लाह का बेटा टिकट मांगने के बजाय टिकट बांट रहा है।
मुकेश सहनी का दावा और राजनीतिक संदेश
मुकेश सहनी ने कहा कि हमारे पास नाव है, और हमें इसे पार लगाने की जिम्मेदारी है, चाहे वह श्रीराम हों या तेजस्वी यादव। नाव पार करने की जिम्मेदारी हमारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सीटों की बात नहीं है, बल्कि उपमुख्यमंत्री का पद करोड़ों लोगों के लिए उम्मीद का प्रतीक है। सहनी ने कहा कि हमने पहले भी प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री बनाए हैं, और पहली बार ऐसा मौका आएगा जब मल्लाह का बेटा उपमुख्यमंत्री बनेगा। उन्होंने मछुआरों की स्थिति का भी जिक्र किया, जो जून से अगस्त तक मछली पकड़ने से वंचित रहते हैं और महीने में केवल 500 रुपये पाते हैं। कहा कि जब हम केंद्र में होंगे, तो यह राशि 15 हजार रुपये हो जाएगी।
राजनीतिक रणनीति और चुनावी समीकरण
सहनी ने बीजेपी के प्रस्ताव पर कहा कि वह एक नेता हैं, लोडर नहीं, और अपने दम पर केंद्र में जाना चाहते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके डिप्टी सीएम उम्मीदवार की घोषणा के बाद गांव-गांव में मिठाइयां बांटी जा रही हैं और पटाखे फोड़े जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बार हम एनडीए की सरकार को उखाड़ फेंकेंगे। सहनी ने निषाद समुदाय के लोगों के बीच जाकर कहा कि यदि वे उनके खिलाफ बोलेंगे तो उन्हें अच्छी खातिरदारी मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले हफ्ते सीटों को लेकर असमंजस था, लेकिन अंत में सब कुछ ठीक हो गया।
राहुल गांधी और निषाद समुदाय का समर्थन
सहनी ने कहा कि राहुल गांधी हर चीज पर बारीकी से नजर रखते हैं और इस बार उन्होंने 15 में से आठ टिकट निषाद समुदाय को दिए हैं। उन्होंने बताया कि बीजेपी ने पिछली बार ओबीसी वर्ग को केवल 9 प्रतिशत टिकट दिए थे, जबकि उन्होंने 15 सीटों में से अधिकतर निषाद समुदाय को दी हैं। सहनी ने यह भी कहा कि बीजेपी ब्राह्मण, राजपूत और भूमिहार को अपना मानती है, और अधिकांश सीटें उनके कोटे में आती हैं। उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह ओबीसी और एससी वर्ग को अपने गुलाम मानती है और वोट के बदले पैसे का सहारा लेती है।










