मोकामा हत्याकांड की जांच में सोशल मीडिया का अहम योगदान
मोकामा में हुई हत्या की घटना के संदर्भ में पुलिस तेजी से सुराग जुटाने में लगी हुई है, जिसमें सोशल मीडिया और मोबाइल फोन के वीडियो मुख्य आधार बन रहे हैं। जांच टीमें युवाओं के स्मार्टफोन से संबंधित फुटेज की छानबीन कर रही हैं और घटना से जुड़े वीडियो रिकवर करने का प्रयास कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो से महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हुई हैं।
वीडियो विश्लेषण से मिल रही है नई जानकारी
सूत्रों के अनुसार, 30 अक्टूबर को मोकामा टाल में हुई भिड़ंत का वायरल वीडियो जांच के दौरान सामने आया है, जिसमें सौ से अधिक व्यक्तियों के चेहरे पहचाने गए हैं। पुलिस इन व्यक्तियों की भूमिका का विश्लेषण कर रही है। साथ ही, टीम दुलारचंद यादव पर गाड़ी चढ़ाने की आशंका को ध्यान में रखते हुए उनके काफिले में चल रहे वाहनों की पहचान कर रही है।
घटना का विस्तृत वीडियो और आगे की जांच
जांच टीम को घटना के समय का एक छोटा वीडियो भी मिला है, जिसमें दुलारचंद यादव को सुरक्षित एक फोर व्हीलर के पास जाते देखा जा सकता है। यह वीडियो लगभग दो सेकंड का है। अब टीम इस फुटेज के पहले और बाद के वीडियो तलाश रही है ताकि पूरी घटना का स्पष्ट चित्रण सामने आ सके।
आरोपी अनंत सिंह की गिरफ्तारी और न्यायिक प्रक्रिया
उधर, दुलारचंद यादव की हत्या के आरोप में बाहुबली नेता अनंत सिंह को पटना पुलिस ने शनिवार रात गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेजा गया है। विधानसभा चुनाव के दौरान अनंत सिंह जेल में ही रहेंगे। मोकामा सीट पर उनका मजबूत प्रभाव माना जाता है, जहां जेडीयू ने उन्हें उम्मीदवार बनाया है। वहीं, आरजेडी ने सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी और जनसुराज ने पीयूष प्रियदर्शी को मैदान में उतारा है।











