बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज
बिहार की राजनीतिक परिदृश्य में बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला लगातार जारी रहता है। हाल ही में एक विवादित मामला तब सामने आया जब आरजेडी (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव के जन्मदिन समारोह से जुड़ी एक घटना ने राजनीतिक माहौल को गरमाया। इस कार्यक्रम में भोजपुरी गायक छोटू छलिया को एक विशेष तोहफा दिया गया, जिसमें एक ‘डायमंड वाला कंगन’ शामिल था। जैसे ही यह खबर राजनीतिक गलियारों तक पहुंची, जेडीयू (JDU) ने इस पर तीखा हमला बोलते हुए आरजेडी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
लालू यादव के जन्मदिन पर हुआ था भव्य संगीत समारोह
लालू प्रसाद यादव के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित इस खास कार्यक्रम में भोजपुरी संगीत का आयोजन किया गया था। इसमें लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और परिवार के अन्य सदस्य मौजूद थे। साथ ही, आरजेडी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी इस समारोह में भाग ले रहे थे। इस दौरान भोजपुरी कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया।
कार्यक्रम के दौरान भोजपुरी गायक छोटू छलिया ने अपनी गायकी से माहौल को खुशनुमा बना दिया। इस पर राबड़ी देवी ने उन्हें एक कंगन भेंट किया, जिसे उन्होंने मीडिया के सामने दावा किया कि यह साधारण नहीं बल्कि ‘डायमंड वाला कंगन’ है। इस दावे ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी।
जेडीयू का आरोप और सवालों की झड़ी
जेडीयू (JDU) के प्रवक्ता नीरज कुमार ने तुरंत ही इस मामले में कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पूछा कि राबड़ी देवी ने जो डायमंड वाला कंगन अपने भोजपुरी गायक को दिया, वह आखिर कहां से आया। साथ ही, उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या इस महंगे कंगन की खरीदारी पर उचित जीएसटी (GST) टैक्स चुकाया गया था।
इसके अलावा, जेडीयू ने यह भी पूछा कि 10 सर्कुलर रोड के अंदर कोई गुप्त तिजोरी है या नहीं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस तरह के हीरे-जेवरात कहां से आ रहे हैं और इनकी जांच होनी चाहिए। प्रवर्तन निदेशालय (ED) से इस पूरे मामले की जांच की मांग करते हुए जेडीयू ने कहा कि यह संदिग्ध संपत्ति और टैक्स चोरी का मामला हो सकता है।
बिहार में इस विवाद के चलते राजनीतिक तापमान तेज हो गया है। जेडीयू का आरोप है कि आरजेडी खुद को गरीबों की पार्टी बताती है, लेकिन उनके कार्यक्रमों में हीरे-जेवरात की नुमाइश और लेन-देन की बातें सामने आ रही हैं। अभी तक लालू परिवार या आरजेडी की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन यह विवाद बिहार की राजनीति में नई गर्माहट ला चुका है।









