किशनगंज के युवक ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
बिहार के किशनगंज जिले में एक युवक ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने दावा किया है कि उसे नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के मामले में नामजद कर दिया गया है, जबकि वह पिछले चार महीनों से रूस (Russia) में रह रहा है। इस बात का खुलासा एक वीडियो के माध्यम से हुआ है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
युवक का दावा और वायरल वीडियो
वायरल वीडियो में सदाकत कौनैन नामक युवक खुद को बहादुरगंज के सतमेढ़ी कोलभितत्ता का निवासी बताते हुए कहता है कि वह पिछले चार महीने से रूस में है। साथ ही, उसने यह भी स्पष्ट किया कि 25 जुलाई को बहादुरगंज के एलआरपी चौक में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान वह भारत में मौजूद नहीं था। इस आधार पर, उसके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी पूरी तरह गलत है। उसने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए प्रशासन से अपील की है कि यदि उसके दावे सही पाए जाते हैं, तो उसका नाम FIR से हटा दिया जाए।
बिहार सरकार का फैसला और राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस मामले में जब किशनगंज पुलिस कुछ भी कहने से बच रही थी, तब बिहार सरकार ने सोमवार को बड़ा फैसला लेते हुए नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शन से जुड़े सभी मामलों को वापस लेने की घोषणा कर दी। गृह विभाग की अधिसूचना के अनुसार, 26 जुलाई सुबह 6 बजे से पहले दर्ज सभी FIR, शिकायतें और कारण बताओ नोटिस रद्द कर दिए जाएंगे। साथ ही, इन मामलों में गिरफ्तार सभी व्यक्तियों को तुरंत रिहा करने का निर्देश भी जारी किया गया है। इस निर्णय के बाद क्षेत्रीय राजनीतिक नेता इमरान आलम ने निष्पक्ष जांच की मांग की है, और कहा है कि इस तरह के कई मामले हैं।










