जेडीयू ने के.सी. त्यागी से संबंध समाप्त किए
जेडीयू के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, के.सी. त्यागी का पार्टी में कार्यकाल अब समाप्त हो चुका है। हाल के दिनों में उनके कुछ बयानों और गतिविधियों को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष की खबरें सामने आई थीं। सूत्रों का कहना है कि त्यागी ने पार्टी की नीति से अलग रुख अपनाया था, जिसके कारण जेडीयू नेतृत्व ने उनके साथ दूरी बनाने का निर्णय लिया। पार्टी के प्रवक्ता राजीव रंजन के ताजा बयान से स्पष्ट हो गया है कि अब जेडीयू का के.सी. त्यागी से कोई औपचारिक संबंध नहीं रह गया है।
नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग और पार्टी का रुख
हाल ही में, के.सी. त्यागी ने बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग उठाई थी। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) को पत्र लिखकर इस प्रस्ताव को रखा। अपने पत्र में त्यागी ने कहा कि जैसे पिछले साल चौधरी चरण सिंह और कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न से सम्मानित किया गया था, वैसे ही नीतीश कुमार भी इसके हकदार हैं। हालांकि, जेडीयू ने इस मांग से किनारा कर लिया है। पार्टी प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि त्यागी का यह बयान पार्टी के आधिकारिक रुख का प्रतिनिधित्व नहीं करता है और यह उनके व्यक्तिगत विचार हैं।
पार्टी में सम्मानजनक अलगाव और भविष्य की रणनीति
सूत्रों का कहना है कि के.सी. त्यागी और जेडीयू के बीच अब सम्मानजनक दूरी बन चुकी है। हालांकि, पार्टी ने अभी तक उनके खिलाफ कोई औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की है, क्योंकि उनके साथ पार्टी का लंबा और पुराना संबंध रहा है। पार्टी के अंदर माना जा रहा है कि त्यागी ने लंबे समय तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, इसलिए नेतृत्व किसी भी तरह का टकराव नहीं चाहता। अब जेडीयू का मानना है कि त्यागी पार्टी की नीतियों और फैसलों का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं।









