बिहार विधान परिषद चुनाव की तैयारियों में राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ी
बिहार विधान परिषद द्विवार्षिक चुनाव और उपचुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक गतिविधियों में तेजी देखने को मिल रही है। इस क्रम में बिहार प्रदेश जनता दल (यूनाइटेड) ने अपने उम्मीदवारों की आधिकारिक घोषणा कर दी है। पार्टी ने कुल चार प्रत्याशियों के नाम जारी किए हैं, जिनमें से तीन द्विवार्षिक चुनाव के लिए और एक उपचुनाव के लिए घोषित किया गया है। जेडीयू द्वारा जारी सूची के अनुसार पटना जिले से निशांत कुमार को विधान परिषद चुनाव का उम्मीदवार बनाया गया है। इसके अलावा मधुबनी जिले से भारती मेहता, पश्चिम चंपारण से शिवानी देवी प्रजापति और शेखपुरा जिले से ललन प्रसाद को भी पार्टी ने चुनावी मैदान में उतारा है।
महिला उम्मीदवारों को मौका देकर जेडीयू ने दिखाई अपनी रणनीति
जेडीयू की उम्मीदवारों की सूची में खास बात यह है कि पार्टी ने दो महिलाओं को भी मौका दिया है। मधुबनी से भारती मेहता और पश्चिम चंपारण से शिवानी देवी प्रजापति को प्रत्याशी बनाकर पार्टी ने महिलाओं की भागीदारी को प्राथमिकता दी है। राजनीतिक गलियारों में इसे जेडीयू की महत्वपूर्ण रणनीति के रूप में देखा जा रहा है, जो महिलाओं के सशक्तिकरण और भागीदारी को बढ़ावा देने का संकेत है। इस कदम से पार्टी ने अपने चुनावी अभियान में नई ऊर्जा और विविधता का परिचय दिया है।
अन्य दलों की भी उम्मीदवारों की घोषणा, चुनावी समीकरणों में बढ़ोतरी
वहीं, बिहार में विधान परिषद चुनाव को लेकर अन्य राजनीतिक दल भी अपने-अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर चुके हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी अपने प्रत्याशियों के नाम सार्वजनिक किए हैं। पार्टी ने संजय मयूख, पवन सिंह, अनिल कुमार ठाकुर और शीला पंडित को चुनावी मैदान में उतारा है। जेडीयू और बीजेपी की उम्मीदवारों की घोषणा के बाद अब चुनावी समीकरणों में नई चर्चा शुरू हो गई है। दोनों दल अपने-अपने प्रत्याशियों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में राजनीतिक संदेश देने का प्रयास कर रहे हैं। आगामी दिनों में नामांकन प्रक्रिया और चुनाव प्रचार के साथ ही चुनावी माहौल और भी गर्म होने की उम्मीद है।









