हिजाब विवाद पर देशभर में राजनीतिक बहस तेज
देश में हिजाब विवाद को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी चर्चा चल रही है। विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों के विरोध के बीच, राज्यपाल का एक बयान सामने आया है, जिसने इस मुद्दे को और भी गरमाया है। उन्होंने कहा कि पिता और बेटी के बीच किसी भी तरह का विवाद का उल्लेख करना अत्यंत दुखद है। राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि नुसरत परवीन देश की बेटी हैं, और इस तरह के मामले को विवादित कहना उचित नहीं है।
राज्यपाल का बयान और विवाद की जड़ें
गवर्नर आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि पिता और बेटी के बीच ऐसा विवाद नहीं होना चाहिए। उन्होंने इस संबंध में कहा कि इस तरह का विवाद खेदजनक है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पिता की तरह हैं, और उनके व्यवहार में इस तरह का कोई विवाद नहीं होना चाहिए। यह बयान उस समय आया है जब बिहार में हिजाब को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो रहा है।
क्या है पूरा मामला और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
यह विवाद तब शुरू हुआ जब पटना के मुख्यमंत्री सचिवालय ‘संवाद’ भवन में एक सार्वजनिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वायरल वीडियो में दावा किया गया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार महिला चिकित्सक नुसरत परवीन को नियुक्ति पत्र देते समय उनका हिजाब हटाते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो को आरजेडी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया और मुख्यमंत्री के व्यवहार पर सवाल उठाए। आरजेडी नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि नीतीश कुमार लगातार महिलाओं का अपमान कर रहे हैं और अब बिहार का संचालन करने की स्थिति में नहीं हैं। इस तरह का व्यवहार एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के लिए अनुचित है।
वहीं, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इस विवाद में नीतीश कुमार का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने कोई गलत काम नहीं किया है। गिरिराज सिंह का तर्क था कि सरकारी प्रक्रियाओं में चेहरे का दिखना जरूरी है और सरकारी नौकरी स्वीकार या अस्वीकार करना पूरी तरह से महिला का व्यक्तिगत निर्णय है। दूसरी ओर, बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि बिहार की एनडीए सरकार हमेशा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध रही है और नीतीश कुमार ने अपने कार्यों और नीतियों के माध्यम से महिलाओं का सम्मान किया है।










