दानापुर रेलवे स्टेशन पर बुजुर्ग पिता की क्रूरता से हुई निंदा
पटना के दानापुर रेलवे स्टेशन पर मानवता को शर्मसार कर देने वाला एक दृश्य देखने को मिला, जहां एक वृद्ध पिता को उनके ही बेटों ने पैरों में भारी लोहे की बेड़ियां और ताले लगाकर जंजीर से बांध दिया था। जब स्टेशन पर मौजूद लोग इस बुजुर्ग को जंजीरें घसीटते हुए चलते देख रहे थे, तो हर किसी की आंखें नम हो गईं। यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है।
बुजुर्ग के पैरों में जंजीरें और बेटों की क्रूरता का खुलासा
पड़ताल में पता चला कि इस बुजुर्ग का नाम जितेंद्र ताती है और वह जमुई जिले के खैरा थाना क्षेत्र के अमारी गांव के निवासी हैं। पिछले आठ महीनों से वह इस दर्दनाक स्थिति में जी रहे हैं। जितेंद्र ताती ने अपने दर्द को बयां करते हुए बताया कि कभी-कभी उनका मानसिक संतुलन बिगड़ जाता है। इस स्थिति से परेशान होकर उनके बेटों ने उन्हें पूरी तरह नियंत्रित करने के लिए उनके पैरों में जंजीरें डाल दीं।
बेटों की मजबूरी और परिवार का प्रयास
शुरुआत में उनके पैरों में पांच ताले लगाए गए थे, लेकिन अब केवल दो ही बचे हैं। दानापुर स्टेशन पर इस दृश्य को देखकर हर कोई सोचने लगा कि क्या एक बीमार पिता को संभालने का यही तरीका है। जब इस मामले में बुजुर्ग के बेटे अभिलाष कुमार से बात की गई, तो उन्होंने अपनी मजबूरी का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि पिता की मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण वह अक्सर गांव में झगड़ा और गाली-गलौज करने लगते हैं। स्थिति बिगड़ने पर उन्हें संभालना उनके लिए बहुत कठिन हो जाता है, इसलिए यह कदम उठाया गया है।
बेटे ने यह भी बताया कि अब पूरे परिवार और गांव के लोगों ने मिलकर चंदा इकट्ठा किया है। इस पैसे से वह पिता को मध्य प्रदेश के बाबा बागेश्वर धाम लेकर जा रहे हैं, जहां उन्हें उम्मीद है कि बाबा के आशीर्वाद से उनकी मानसिक स्थिति में सुधार होगा। यह मामला मानवता और परिवार की जिम्मेदारी का एक गंभीर उदाहरण बन गया है।










