बिहार लोक सेवा आयोग ने 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा का परिणाम घोषित किया
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने अपनी 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (CCE) का अंतिम परिणाम जारी कर दिया है। इस प्रतिष्ठित परीक्षा में उत्तर प्रदेश की श्रद्धा पांडे ने पहला स्थान प्राप्त किया है, जिन्होंने 593 अंक हासिल किए। वहीं, दूसरे स्थान पर शशांक गौरव और तीसरे पर आयुष बिजॉय रहे, दोनों ने 592 अंक प्राप्त किए। इस परिणाम की घोषणा आयोग के अध्यक्ष रवि मनुभाई परमार ने की।
बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का चयन और परीक्षा का इतिहास
इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 2035 पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे, जिनमें से 2027 उम्मीदवारों का चयन किया गया है। यह बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के इतिहास में सबसे बड़ी वैकेंसी मानी जा रही है। लगभग 4.83 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जबकि प्रारंभिक परीक्षा में भाग लेने वाले उम्मीदवारों की संख्या 3.28 लाख थी।
परीक्षा का आयोजन, विवाद और चयन प्रक्रिया
प्रारंभिक परीक्षा 13 दिसंबर 2024 को आयोजित की गई थी, लेकिन एक केंद्र पर गड़बड़ी के कारण पटना में पुनः परीक्षा कराई गई, जो 4 जनवरी 2025 को हुई। परिणाम 23 जनवरी 2025 को जारी हुआ, जिसमें 21,581 अभ्यर्थी मेंस परीक्षा के लिए सफल हुए। परीक्षा के दौरान पटना के बापू परीक्षा केंद्र पर हुई गड़बड़ी के कारण पुनः परीक्षा करानी पड़ी, जिसके खिलाफ तीन महीने तक प्रदर्शन भी हुआ। हालांकि, आयोग ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बताते हुए आगे की चयन प्रक्रिया जारी रखी।
मेंस परीक्षा 25 से 30 अप्रैल 2025 के बीच पटना में आयोजित हुई, जिसमें 5,449 उम्मीदवार इंटरव्यू के लिए चुने गए। इंटरव्यू प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए कोड आधारित मूल्यांकन और लॉटरी सिस्टम का प्रयोग किया गया। इस प्रक्रिया में अभ्यर्थियों की पहचान छिपाकर केवल कोड के आधार पर मूल्यांकन किया गया। कुल 5,450 उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया गया, जो चयन प्रक्रिया की व्यापकता को दर्शाता है।
महिला अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। टॉप 20 में 10 महिलाएं और टॉप 50 में 25 महिलाएं स्थान बनाने में सफल रहीं। चयनित 2027 उम्मीदवारों में 1282 पुरुष और 745 महिलाएं शामिल हैं। कोटे के तहत अनारक्षित वर्ग से 843, ईडब्ल्यूएस से 194, बीसी से 259, ईबीसी से 335, एससी से 316, एसटी से 21, बीसी महिला वर्ग से 59 उम्मीदवार चुने गए हैं। इसके अतिरिक्त, 61 दिव्यांग और 36 स्वतंत्रता सेनानी आश्रितों का भी चयन हुआ है।
आयोग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि पेपर लीक और अनियमितताओं के सभी आरोप निराधार पाए गए हैं। कोर्ट ने भी इन आरोपों के समर्थन में कोई मजबूत सबूत नहीं दिए हैं। आयोग का दावा है कि पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुसार और पारदर्शिता के साथ पूरी की गई है। अब चयनित अभ्यर्थियों को संबंधित विभागों में नियुक्ति के लिए अनुशंसा भेजी जाएगी। यह परीक्षा बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के इतिहास में सबसे बड़ी और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में से एक रही है।









