बिहार में अपराध नियंत्रण के लिए नई नीति की घोषणा
बिहार के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को गृह विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद स्पष्ट रूप से कहा कि राज्य में अब अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति लागू की जाएगी। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि राज्य में कोई भी संगठनात्मक अपराध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मीडिया से बातचीत में डिप्टी सीएम ने बताया कि बिहार में लॉ एंड ऑर्डर को मजबूत बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में किसी भी स्तर के माफिया जैसे जमीन, बालू या शराब माफिया को चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
400 से अधिक माफिया और अपराधियों की पहचान, कार्रवाई शुरू
सम्राट चौधरी ने खुलासा किया कि अब तक बिहार में लगभग 400 बड़े माफिया और अपराधियों की पहचान कर ली गई है। इनमें से दो माफियाओं के खिलाफ तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी गई है और उनकी संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया भी चल रही है। उन्होंने कहा कि इन माफियाओं को चिन्हित करने का काम सरकार का प्राथमिक लक्ष्य है।
इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि स्कूल और कॉलेजों में पिंक पेट्रोलिंग के समान विशेष फोर्स तैनात की जाएगी ताकि छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। साथ ही, विशेष अभियान चलाकर अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
जेलों की निगरानी और सोशल मीडिया पर कार्रवाई का निर्देश
सम्राट चौधरी ने कहा कि जेलों की निगरानी कड़ी की जाएगी और जेल में मोबाइल फोन का प्रयोग रोकने के लिए पूरी समीक्षा की जाएगी। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जेल में भोजन की गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा, और यदि कोई अधिकारी इस नियम का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा और गाली-गलौज करने वालों के खिलाफ भी कड़ी चेतावनी दी। कहा कि सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अपराधियों की संपत्तियों पर बुलडोजर चलाने के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार माफिया की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी। लगभग 400 लोगों की संपत्तियों को चिन्हित कर लिया गया है, और न्यायालय में इनके खिलाफ आवेदन भी दिया गया है। यदि आगे भी सहमति मिलती है, तो इन सभी की संपत्तियों को जब्त किया जाएगा।









