बिहार में महिलाओं की सुरक्षा के लिए नई तकनीकी पहल
बिहार सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। तकनीकी सेवा और संचार विभाग के ADG अमित लोढ़ा ने जानकारी दी है कि अब राज्य के पार्कों और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर ‘पैनिक बटन’ स्थापित किए जाएंगे। यह कदम विशेष रूप से उन महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा के लिए है, जो अक्सर पार्कों में मनचलों की अभद्रता का सामना करती हैं।
पैनिक बटन से तुरंत मिलती है सहायता, सुरक्षा में वृद्धि
पुलिस के अनुसार, यदि किसी पार्क में कोई मनचला किसी महिला को परेशान करता है, तो पीड़ित को बस वहां लगे पैनिक बटन को दबाना है। जैसे ही बटन दबाया जाएगा, इसकी सूचना सीधे डायल 112 के कंट्रोल रूम को मिल जाएगी। तत्परता से कार्रवाई करते हुए, गश्त कर रही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंचेगी और आरोपी के खिलाफ आवश्यक कदम उठाएगी। इस नई व्यवस्था से महिलाओं को सुरक्षा का भरोसा मिलेगा और अपराधियों में खौफ भी पैदा होगा।
तेजी से प्रतिक्रिया और महिला पुलिसकर्मियों का अहम योगदान
ADG अमित लोढ़ा ने ERSS (Emergency Response Support System) की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि बिहार पुलिस अपनी महिला सदस्यों के माध्यम से प्रदेशवासियों को रिकॉर्ड समय में सहायता पहुंचा रही है। डायल 112 की टीम अब औसतन केवल 11 मिनट में पीड़ितों तक पहुंच रही है। ERSS कंट्रोल रूम में तैनात महिला पुलिसकर्मी न केवल कॉल रिसीव कर रही हैं, बल्कि त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित कर राहत भी प्रदान कर रही हैं। आने वाले दो महीनों में पुलिसकर्मियों और संसाधनों की संख्या बढ़ाकर प्रतिक्रिया समय को और कम किया जाएगा, ताकि महिलाओं को और बेहतर सुरक्षा मिल सके।









