सहरसा नगर निगम में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा
सहरसा नगर विकास एवं आवास विभाग ने मेयर बैन प्रिया, उनके निजी सचिव राजीव झा और सचिव की पत्नी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश जारी किया है। यह कदम स्ट्रीट लाइटों के रख-रखाव और सजावटी लाइटों के नाम पर हर महीने लगभग 50 लाख रुपये की सरकारी राशि के दुरुपयोग के आरोपों के चलते उठाया गया है। सहरसा के कोसी कॉलोनी निवासी राहुल कुमार पासवान की शिकायत पर जिलाधिकारी द्वारा गठित त्रि-स्तरीय जांच समिति ने इन सभी की भूमिका को संदिग्ध माना है।
बड़ी रकम का भ्रष्टाचार और जांच का खुलासा
जांच में पता चला कि मेयर ने अपने निजी सचिव की पत्नी की दो कंपनियों ‘Aim of People’ और ‘Narishakti Infratech’ को काम आवंटित कर करोड़ों रुपये का अवैध लेनदेन किया है। इन कंपनियों के बैंक खातों के बीच संदिग्ध वित्तीय लेनदेन पाया गया, जो सीधे भ्रष्टाचार की ओर संकेत करता है। विभाग ने नगर आयुक्त को तीन दिनों के भीतर एफआईआर दर्ज कर रिपोर्ट सौंपने और संबंधित सरकारी कर्मचारियों पर एक हफ्ते में कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
भ्रष्टाचार में शामिल अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई का निर्देश
रिपोर्ट के अनुसार, सहरसा नगर निगम में स्ट्रीट लाइट और मेंटेनेंस के नाम पर धन की बंदरबांट की गई है। मेयर पर आरोप है कि उन्होंने बिना उचित मूल्यांकन या जांच के अपने निजी सचिव की पत्नी की कंपनियों को ठेके दिए। जांच में यह भी सामने आया कि इन कंपनियों के खातों के बीच करोड़ों रुपये का संदिग्ध लेनदेन हुआ है, जो भ्रष्टाचार की पुष्टि करता है। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि इस घोटाले में शामिल किसी भी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। यदि किसी कर्मचारी की मिलीभगत पाई जाती है, तो सात दिनों के भीतर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस कड़े रुख से सहरसा नगर निगम के भ्रष्ट अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।










