बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में उम्मीदवारों का विस्तृत विश्लेषण
बिहार विधानसभा के दूसरे चरण के मतदान के लिए 11 नवंबर को मतदान प्रक्रिया निर्धारित है। इस चरण में बिहार के 20 जिलों की कुल 122 विधानसभा सीटों पर वोटिंग होगी, जहां कुल 1302 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमाने के लिए मैदान में हैं। इनमें से 1165 पुरुष और 136 महिलाएं हैं। इस चुनावी फेज में भाग लेने वाले उम्मीदवारों की संपत्ति और आपराधिक रिकॉर्ड की रिपोर्ट भी सामने आई है।
उम्मीदवारों की संपत्ति और आपराधिक रिकॉर्ड का विश्लेषण
आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, बिहार चुनाव के इस चरण में लगभग 43 प्रतिशत उम्मीदवार करोड़पति हैं। वहीं, करीब 32 प्रतिशत उम्मीदवारों पर आपराधिक मामलों का आरोप है, जिनमें से 341 के खिलाफ हत्या, जानलेवा हमला, बलात्कार, यौन उत्पीड़न और अपहरण जैसे गंभीर अपराधों के मुकदमे दर्ज हैं। इस चुनावी फेज की 122 सीटों में से 73 क्षेत्र संवेदनशील माने जाते हैं, जहां तीन या उससे अधिक उम्मीदवारों के खिलाफ गंभीर अपराध के मुकदमे चल रहे हैं।
शिक्षा, उम्र और संपत्ति से जुड़ी जानकारी
रिपोर्ट के अनुसार, कुल 1302 उम्मीदवारों में से 627 उम्मीदवार स्नातक स्तर तक शिक्षित हैं। वहीं, 528 उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता पांचवीं से 12वीं के बीच है। नौ उम्मीदवार हस्ताक्षर करना भी नहीं जानते, जबकि 117 उम्मीदवार केवल लिखना पढ़ना जानते हैं। डिप्लोमा धारकों की संख्या 15 है। उम्र के संदर्भ में, सबसे युवा उम्मीदवार 25 वर्ष के हैं, जैसे कि कांग्रेस के नवीन कुमार, आम आदमी पार्टी के मुंतजिर आलम, और निर्दलीय रविरंजन। सबसे बुजुर्ग उम्मीदवार 88 वर्षीय भगवान मारेया हैं, जो धमदाहा से चुनाव लड़ रहे हैं।









