संजय यादव की राजनीति में भूमिका और विवाद
हरियाणा के महेंद्रगढ़ से संबंध रखने वाले संजय यादव का राजनीतिक करियर शुरुआत में एक निजी कंपनी में कार्यरत होने के बाद हुआ। बताया जाता है कि 2025 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने टिकट वितरण और रणनीति बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दौरान, उनके निर्णयों ने पार्टी के भीतर कई नेताओं में असंतोष पैदा कर दिया।
रोहिणी का आरोप और पार्टी में बढ़ती नाराजगी
पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में रोहिणी ने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव ने उन्हें घर से निकाल दिया है। उन्होंने कहा, “मेरा कोई परिवार नहीं है। संजय यादव, रमीज और तेजस्वी से पूछिए, उन्होंने मुझे परिवार से बाहर कर दिया है। उन्हें जिम्मेदारी नहीं लेनी है।” साथ ही, उन्होंने यह भी दावा किया कि पार्टी के अंदर संजय यादव और रमीज का नाम लेने पर लोगों का अपमान किया जाता है। रोहिणी ने चेतावनी दी कि यदि उनसे सवाल किया गया तो उन्हें घर से निकाल दिया जाएगा, बदनाम किया जाएगा और गाली-गलौज भी की जाएगी।
संजय यादव की भूमिका और पार्टी में विवाद
सूत्रों के अनुसार, 2025 के विधानसभा चुनाव के दौरान संजय यादव ने टिकट वितरण और रणनीति में अहम भूमिका निभाई। उनके फैसलों के कारण कई नेताओं का टिकट कटना और सीटों का चयन विवादों में फंस गया। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने भी इस पर चुपके से आपत्ति जताई। तेजस्वी यादव के साथ हर महत्वपूर्ण बैठक और गठबंधन की बातचीत में संजय यादव की मौजूदगी ने पार्टी के भीतर असंतोष को और बढ़ावा दिया।











