बिहार राजनीति में अचानक बदलाव और बीजेपी की बैठक स्थगित
बिहार की राजनीतिक गतिविधियों में तेज़ हलचल के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्रस्तावित कोर ग्रुप बैठक को अचानक स्थगित कर दिया गया है। यह बैठक शुक्रवार शाम छह बजे दिल्ली स्थित पार्टी के वरिष्ठ नेता विनोद तावड़े के आवास पर होनी थी, जिसमें बिहार के प्रमुख नेताओं की भागीदारी तय थी।
पार्टी के सूत्रों के अनुसार, अब इस बैठक का आयोजन नहीं किया जाएगा और फिलहाल बिहार से जुड़े किसी भी मुद्दे पर दिल्ली में कोई चर्चा नहीं होगी। इस निर्णय के बाद बिहार के दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा पटना लौट रहे हैं। साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी पटना के लिए रवाना हो गए हैं। बताया जा रहा है कि दिल्ली में मौजूद अन्य बीजेपी नेता भी अब वापस बिहार लौटेंगे।
बिहार में नए मुख्यमंत्री का फैसला केंद्रीय नेतृत्व ही करेगा
सूत्रों के अनुसार, बिहार में नए मुख्यमंत्री के चेहरे का अंतिम निर्णय अब पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा ही लिया जाएगा। राज्य स्तर पर इस संबंध में कोई भी निर्णय नहीं लिया जाएगा। बिहार प्रभारी, सह प्रभारी और संगठन से जुड़े वरिष्ठ नेता पहले ही दिल्ली पहुंच चुके थे, लेकिन अब उनके साथ भी कोई औपचारिक चर्चा नहीं होगी।
राजनीतिक हलकों में इस फैसले का महत्व और संभावित बदलाव
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय को बिहार में सत्ता परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जेडीयू के सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी ने नई सरकार के स्वरूप को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सूचित कर दिया है। बताया जा रहा है कि जैसे ही नीतीश कुमार अपने पद से इस्तीफा देंगे, उसके बाद एनडीए विधायक दल की बैठक बुलाई जाएगी। इस बैठक में नए नेता का चुनाव किया जाएगा और वही बिहार का अगला मुख्यमंत्री बनेगा।










