बिहार के भोजपुर जिले में सामाजिक जिम्मेदारी की अनूठी मिसाल
आज के समय में अक्सर जमीन-जायदाद को लेकर परिवारों के बीच विवाद और रिश्तों में खटास की खबरें सुर्खियों में रहती हैं। ऐसे में बिहार के भोजपुर (Bihar Bhojpur) जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने मानवता और सामाजिक उत्तरदायित्व का नया उदाहरण स्थापित किया है। भोजपुर जिले की सरथुआ पंचायत के मुखिया राकेश सिंह (Rakesh Singh) ने अपनी पांच वर्षीय बेटी प्रिंसी राज (Prinsey Raj) का जन्मदिन खास बनाने के लिए एक अनूठा कदम उठाया। उन्होंने अपने व्यक्तिगत 18 कट्ठा जमीन को गरीब और महादलित परिवारों के नाम दान कर दिया।
सामाजिक सेवा का यह कदम इलाके में चर्चा का विषय बन गया है
इस निर्णय के बाद पूरे क्षेत्र में उनकी प्रशंसा हो रही है। जिस जमीन पर उनका अधिकार था, अब वहां वे परिवार बस सकेंगे, जिनके पास अपना घर बनाने के लिए कोई छोटा सा भूखंड भी नहीं था। स्थानीय लोग इस पहल को केवल जमीन का दान नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का बड़ा उदाहरण मान रहे हैं। राकेश सिंह का कहना है कि किसी भी इंसान के लिए सबसे बड़ा सुरक्षा कवच उसका अपना घर ही होता है। यदि उनकी जमीन किसी गरीब परिवार की जिंदगी बदल सकती है, तो इससे अधिक खुशी उनके लिए और कुछ नहीं हो सकती।
समाज सेवा में राकेश सिंह का समर्पण और प्रेरणादायक संदेश
राकेश सिंह का मानना है कि यह फैसला अचानक नहीं लिया गया है, बल्कि वर्षों से समाज सेवा में उनकी सक्रिय भागीदारी का परिणाम है। वह जरूरतमंदों की आर्थिक मदद, भोजन और कपड़े उपलब्ध कराना, सर्दियों में कंबल बांटना और कठिन समय में लोगों का साथ देना अपनी पहचान बना चुके हैं। बेटी प्रिंसी राज के जन्मदिन को उन्होंने केवल पारिवारिक उत्सव तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे समाज के नाम समर्पित कर एक प्रेरणादायक संदेश दिया। उनका मानना है कि यदि हर सक्षम व्यक्ति अपने संसाधनों का कुछ हिस्सा जरूरतमंदों के लिए समर्पित करे, तो बेघर लोगों की संख्या में कमी आ सकती है।
राकेश सिंह की इस पहल की पूरे इलाके में प्रशंसा हो रही है। लोग इसे इंसानियत, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक मान रहे हैं। उनका कहना है कि जब छोटी-छोटी बातों पर जमीन को लेकर विवाद होते हैं, तब किसी का अपनी निजी जमीन गरीबों के लिए दान कर देना समाज को नई दिशा देने वाला कदम है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि राकेश सिंह हमेशा से सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहते हैं और जरूरतमंदों की हर संभव मदद करने का प्रयास करते हैं।
मुखिया राकेश सिंह का कहना है कि असली खुशी अपने लिए जीने में नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन में बदलाव लाने में है। यदि उनकी 18 कट्ठा जमीन से कुछ परिवारों को अपना घर मिल जाता है, तो यह उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि होगी। इस पहल ने पूरे क्षेत्र में एक सकारात्मक संदेश फैलाया है। बेटी के जन्मदिन को समाज सेवा से जोड़कर राकेश सिंह ने दिखाया कि खुशी के अवसर केवल उत्सव मनाने के लिए नहीं, बल्कि दूसरों की जिंदगी में रोशनी लाने के लिए भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं। उनकी इस अनूठी पहल को लोग लंबे समय तक याद रखने वाली मिसाल मान रहे हैं।










