बिहार के भोजपुर में पुलिस एनकाउंटर पर विवाद और न्यायिक जांच का आदेश
बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में हुई पुलिस मुठभेड़ ने पूरे इलाके में तनाव पैदा कर दिया है। इस घटना में मृतक भरत तिवारी का एनकाउंटर कर दिया गया था, जिसके बाद परिजनों ने इसे फर्जी बताते हुए पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बिहार सरकार ने इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए रिटायर्ड हाई कोर्ट जज की अध्यक्षता में न्यायिक जांच का आदेश दिया है।
भरत तिवारी एनकाउंटर का मामला और सरकार का कदम
बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी का बुधवार को पुलिस के साथ मुठभेड़ में निधन हो गया। इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पर कहा कि इस मुठभेड़ की पूरी जांच रिटायर्ड हाई कोर्ट जज की निगरानी में कराई जाएगी। उनका मानना है कि इस न्यायिक जांच से घटना के सभी पहलुओं का निष्पक्षता से पता चलेगा।
परिजनों का आरोप और राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव ने इसे पूरी तरह फर्जी करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर जांच का आदेश दे रही है, वहीं दूसरी ओर मृतक के परिवार पर केस दर्ज कर रही है। यादव ने आरोप लगाया कि बिहार में ऐसे फर्जी एनकाउंटर पहले भी हुए हैं और सरकार जाति आधारित एनकाउंटर कर लोगों का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में युवक हथियार लेकर पुलिस और सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर करता दिख रहा है, साथ ही फायरिंग भी करता नजर आ रहा है। पुलिस ने शुरुआत में भरत को मानसिक रूप से विक्षिप्त बताया था, लेकिन परिवार का दावा है कि वह पूरी तरह ठीक था और उसने पुलिस के खिलाफ आत्मरक्षा में फायरिंग की थी।








