भरत तिवारी एनकाउंटर पर पिता का न्यायिक जांच पर सवाल
भोजपुर पुलिस मुठभेड़ में मारे गए भरत तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी ने एक बार फिर से न्यायिक जांच की निष्पक्षता पर संदेह व्यक्त किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) राज का स्थानांतरण नहीं हो जाता, तब तक इस मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच संभव नहीं है।
पिता का आरोप और सरकार से मांग
मीडिया से बातचीत के दौरान काशीनाथ तिवारी ने आरोप लगाया कि वर्तमान एसपी की मौजूदगी जांच प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। उनका मानना है कि यदि सच्चाई का पता लगाना है तो सबसे पहले एसपी का तत्काल स्थानांतरण आवश्यक है। उन्होंने सरकार से इस संबंध में शीघ्र निर्णय लेने की अपील की है।
जांच की निगरानी के सुझाव और निष्पक्षता का आश्वासन
उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले की जांच किसी रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में नहीं, बल्कि किसी सक्रिय जज की निगरानी में होनी चाहिए। उनका तर्क है कि ऐसा करने से पीड़ित परिवार और आम जनता दोनों का भरोसा जांच प्रक्रिया पर बना रहेगा और पूरे प्रकरण की निष्पक्षता सुनिश्चित होगी। साथ ही, उन्होंने पूर्व डीजीपी अभयानंद समेत अनुभवी रिटायर्ड आईपीएस अधिकारियों से भी जांच की देखरेख करने का सुझाव दिया है, ताकि सभी पहलुओं की गहराई से जांच हो सके और जिम्मेदारों के खिलाफ उचित कार्रवाई सुनिश्चित हो।











