सावन में बाबा बैजनाथ धाम के प्रति श्रद्धा का सैलाब
सावन के पवित्र महीने में बाबा बैजनाथ धाम जाने वाले शिव भक्तों की संख्या में जबरदस्त इजाफा हो रहा है। बिहार के भागलपुर जिले के सुल्तानगंज से लाखों कांवड़िए गंगा जल लेकर देवघर (Deoghar) के लिए रवाना हो रहे हैं। भक्तों के जयकारे और भक्ति गीतों से पूरा मार्ग शिवमय हो चुका है। इस दौरान झारखंड (Jharkhand) के गोड्डा जिले के संजीव कुमार ने एक अनूठी मिसाल कायम की है। उन्होंने अपने परिवार की 19 बेटियों के साथ बाबा के दरबार की ओर कदम बढ़ाए हैं।
40 वर्षों से चल रही बाबा की यात्रा में बेटियों का समर्पण
संजीव कुमार पिछले चार दशकों से लगातार बाबा बैजनाथ धाम की पैदल यात्रा कर रहे हैं। हर साल सावन में वह सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर बाबा के मंदिर में जलाभिषेक करते हैं। इस बार उन्होंने अपनी यात्रा में अपनी 19 बेटियों को भी शामिल किया है। सभी बेटियां केसरिया वस्त्र पहने हुए कांवड़ लेकर मुंगेर (Munger) के असरगंज कच्ची कांवरिया पथ पर पहुंचीं, तो हर कोई उनकी भक्ति और समर्पण को देखकर दंग रह गया।
बेटियों का उत्साह और भक्ति का अनोखा प्रदर्शन
इन बेटियों में से कई पिछले दस वर्षों से इस यात्रा का हिस्सा हैं। छोटी बच्चियों से लेकर युवतियों तक, सभी में बाबा के प्रति गहरी आस्था देखने को मिलती है। 105 किलोमीटर की कठिन यात्रा, तपती धूप और पैरों में छाले होने के बावजूद इन बेटियों के चेहरे पर थकान नहीं बल्कि भक्ति का उत्साह झलक रहा है। इनका अनुशासन और समर्पण अन्य कांवड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है।











