बिहार के युवाओं की अनोखी स्केटिंग यात्रा का रोमांचक सफर
बिहार के समस्तीपुर, मोतिहारी और वैशाली के करीब दर्जनभर युवा इन दिनों सड़क पर दौड़ते हुए नजर आ रहे हैं। ये युवा किसी प्रतियोगिता में भाग नहीं ले रहे हैं, बल्कि उनका उद्देश्य है बाबा बैद्यनाथ धाम (Deoghar) पहुंचकर जलाभिषेक करना। इनकी यात्रा का मुख्य आकर्षण है तेज रफ्तार से स्केटिंग करना, बीच-बीच में स्टंट दिखाना और हर-हर महादेव के जयकारे लगाना। जब ये युवा हाइवे पर गुजरते हैं, तो आसपास के लोग उनकी अद्भुत यात्रा को देखकर मंत्रमुग्ध हो जाते हैं।
यात्रा की शुरुआत और युवाओं का उत्साह
इस अनूठी यात्रा की शुरुआत समस्तीपुर के उजियारपुर निवासी शशि कुमार गोस्वामी के एक प्रेरणादायक विचार से हुई। शशि खुद भी स्केटिंग करते हैं और सोशल मीडिया के माध्यम से विभिन्न जिलों के युवाओं से उनकी दोस्ती हो गई। इन युवाओं ने तय किया कि इस बार सावन में बाबा भोलेनाथ के दर्शन के लिए यात्रा पैदल या साइकिल से नहीं, बल्कि स्केटिंग के जरिए करेंगे। इसके बाद ये युवा एक साथ आए और बाबा भोले का आशीर्वाद लेकर यात्रा शुरू कर दी।
यात्रा का मार्ग और व्यवस्था
30 जुलाई को समस्तीपुर के मंदिर से शुरू हुई यह यात्रा अगले दिन बेगूसराय पहुंची, जहां खटोपुर शिव मंदिर में रात्रि विश्राम किया गया। फिर अगले दिन सुबह पूजा-अर्चना के बाद ये युवा स्केट्स पहनकर देवघर की ओर रवाना हुए। उनका लक्ष्य है कि 4 अगस्त तक वे बाबा बैद्यनाथ के मंदिर पहुंचकर जलाभिषेक करें। यात्रा के दौरान सुल्तानगंज से गंगाजल लाकर बाबा धाम पहुंचने का भी उनका प्लान है।
इस 420 किलोमीटर की यात्रा को आसान बनाने के लिए पूरी टीम ने जरूरी इंतजाम किए हैं। दो बाइक पर साथी आगे-पीछे चलते हैं, जबकि एक साइकिल पर खाने-पीने का सामान और आवश्यक वस्तुएं रखी गई हैं। यदि कोई स्केटर थक जाए या चोटिल हो जाए, तो साथी तुरंत उसकी मदद करते हैं। श्रद्धालु बताते हैं कि हाइवे पर लगातार स्केटिंग करना आसान नहीं है, कई बार बैलेंस बिगड़ने पर गिर भी जाते हैं, लेकिन बाबा भोले की भक्ति उन्हें फिर से खड़ा कर देती है।
यह यात्रा सिर्फ रोमांच का अनुभव नहीं है, बल्कि श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है। युवाओं का सपना है कि वे सोशल मीडिया और यूट्यूब पर अपनी पहचान बनाएं और जरूरतमंदों की मदद कर सकें। गेरुआ वस्त्र, पीठ पर तिरंगा, हाथ में बाबा भोले का ध्वज और पैरों में स्केट्स-यह दृश्य हाइवे पर रोज देखने को नहीं मिलता। राहगीर इन युवाओं की तस्वीरें और वीडियो बनाकर उनकी इस अनोखी यात्रा का हिस्सा बनते हैं। सावन के महीने में लाखों श्रद्धालु बाबा धाम पहुंचते हैं, कोई पैदल, कोई साइकिल से, तो कोई दौड़ते हुए। लेकिन स्केटिंग करते हुए बाबा के दर्शन के लिए निकली यह टोली अपनी अनूठी यात्रा के कारण हर किसी का ध्यान आकर्षित कर रही है।











