बांकीपुर विधानसभा सीट का उपचुनाव राजनीतिक हलकों में चर्चा का केंद्र
बिहार की प्रमुख विधानसभा सीटों में से एक बांकीपुर में उपचुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। चुनाव आयोग ने चुनाव की तिथियों का ऐलान कर दिया है, जिसके बाद राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति बनाना शुरू कर दी है। इस बार का मुकाबला मुख्य रूप से जन सुराज और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच माना जा रहा है।
प्रशांत किशोर का नाम और राजनीतिक समीकरण
सूत्रों के अनुसार, जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर इस सीट से चुनाव लड़ने की लगभग पुष्टि कर चुके हैं। हालांकि, अंतिम निर्णय 5 जुलाई को होने वाली पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में लिया जाएगा, जिसमें उम्मीदवार का नाम भी तय किया जाएगा। यदि प्रशांत किशोर चुनाव मैदान में उतरते हैं, तो यह उपचुनाव केवल एक सीट का चुनाव नहीं रहेगा, बल्कि यह जन सुराज की राजनीतिक ताकत और बीजेपी के शहरी मतदाता आधार के बीच मुकाबले का प्रतीक बन जाएगा। 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद, प्रशांत किशोर की कोशिश है कि इस उपचुनाव के माध्यम से पार्टी को फिर से मजबूत किया जाए।
बांकीपुर का राजनीतिक परिदृश्य और संभावित उम्मीदवार
बांकीपुर सीट पिछले चार दशकों से बीजेपी का मजबूत गढ़ रही है, जहां पार्टी का प्रभाव स्थिर रहा है। यह पूरी तरह शहरी क्षेत्र है, जिसमें शिक्षित, मध्यम वर्ग और व्यापारी वर्ग के मतदाता बड़ी संख्या में हैं। कायस्थ समाज का इस सीट पर खास प्रभाव है, साथ ही वैश्य, भूमिहार, ब्राह्मण, राजपूत, यादव, कुर्मी, दलित और मुस्लिम मतदाता भी चुनाव परिणाम को प्रभावित करते हैं।
बीजेपी के संभावित उम्मीदवारों में सबसे प्रमुख नाम नील रतन घोष का है, जो लंबे समय से पार्टी से जुड़े हैं और संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। वे नितिन नवीन के करीबी माने जाते हैं और कायस्थ समाज से हैं। इसके अलावा, पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. अजय आलोक का नाम भी चर्चा में है। वे पेशे से डॉक्टर हैं और राजनीति में उनका अनुभव काफी पुराना है। अजय आलोक भी कायस्थ समाज से हैं और पार्टी के मजबूत उम्मीदवार माने जा रहे हैं।
इसके अतिरिक्त, पूर्व विधायक अरुण सिन्हा के बेटे आशीष सिन्हा का नाम भी चर्चा में है, जिन्होंने पहले इस सीट का प्रतिनिधित्व किया है। वहीं, महिला उम्मीदवार के रूप में रितु जायसवाल का नाम भी चर्चा में है, जिन्होंने हाल ही में आरजेडी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुई हैं। पार्टी अभी तक किसी भी नाम पर आधिकारिक घोषणा नहीं कर पाई है।
दूसरी ओर, आरजेडी इस सीट पर अपनी पकड़ मजबूत नहीं मानता। जानकारों का मानना है कि यह सीट बीजेपी का गढ़ रही है, इसलिए यदि प्रशांत किशोर चुनाव लड़ते हैं, तो मुकाबला मुख्य रूप से बीजेपी और जन सुराज के बीच ही रहेगा। लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की पार्टी जनशक्ति जनता दल ने भी अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है, जिसमें सामाजिक कार्यकर्ता मीणा मानवी को मैदान में उतारा गया है।
अब सभी की नजर 5 जुलाई पर टिकी है, जब जन सुराज पार्टी प्रशांत किशोर के नाम पर अंतिम फैसला लेगी। वहीं, बीजेपी भी अपने उम्मीदवार का ऐलान कर सकती है। नामांकन की अंतिम तिथि 13 जुलाई है, जबकि मतदान 30 जुलाई को होगा और परिणाम 3 अगस्त को घोषित किए जाएंगे।









