आंध्र प्रदेश पुलिस ने बिहार के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी को गिरफ्तार किया
आंध्र प्रदेश पुलिस की टीम ने सोमवार को बिहार के अग्निशमन विभाग के महानिरीक्षक (IG) सुनील कुमार नायक को पटना में उनके आवास से हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई कथित रूप से उनके खिलाफ दर्ज एक मामले में की गई है, जिसमें आरोप है कि उन्होंने हिरासत के दौरान प्रताड़ना दी। सुनील कुमार नायक पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 307 के तहत मामला दर्ज है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें स्थानीय कोर्ट में पेश किया जाएगा और ट्रांजिट रिमांड की मांग की जाएगी, जिसके बाद उन्हें आंध्र प्रदेश ले जाया जाएगा।
प्रसंग और आरोपों का विस्तृत विवरण
यह मामला आंध्र प्रदेश के नरसापुरम लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद और वर्तमान विधानसभा उपाध्यक्ष के. रघुराम कृष्णा राजू से जुड़ा है। वर्ष 2021 में कोविड महामारी के दौरान, जब सुनील कुमार नायक केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर थे और आंध्र प्रदेश में सीआईडी में तैनात थे, तब रघुराम कृष्णा राजू को एक आपराधिक मामले में गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि हिरासत के दौरान सीआईडी टीम ने उनके साथ गंभीर मारपीट की।
आरोप और कानूनी प्रक्रिया
रघुराम कृष्णा राजू के आरोप के आधार पर अदालत ने सुनील कुमार नायक के खिलाफ IPC की धारा 307 के तहत मामला दर्ज करने का आदेश दिया। हाल ही में उनकी जमानत निरस्त कर दी गई, जिसके बाद आंध्र प्रदेश पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गुंटूर जिले के पुलिस अधीक्षक वकुल जिंदल ने बताया कि गिरफ्तारी औपचारिक रूप से दर्ज कर ली गई है। यह मामला पूर्व वाईएसआर कांग्रेस सरकार के समय का है, जब रघुराम कृष्णा राजू को मुख्यमंत्री वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी के खिलाफ कथित टिप्पणी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। 2024 में तेलुगु देशम पार्टी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद इस प्रकरण में कुछ अधिकारियों के खिलाफ भी केस दर्ज किए गए थे। सुनील नायक 2005 बैच के बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं, जिन्होंने 2019 में आंध्र प्रदेश में प्रतिनियुक्ति पर कार्य किया। 2024 में सरकार बदलने के बाद वह वापस बिहार लौट आए और अग्निशमन विभाग के आईजी पद पर तैनात हैं।











