उत्तराखंड में अवैध अतिक्रमण विरोधी अभियान का जोरदार प्रदर्शन
उत्तराखंड के विकासनगर में शक्ति नहर के किनारे बसे छह गांवों में उस समय हड़कंप मच गया जब प्रशासन ने उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (UJVNL) की जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों को हटाने के लिए भारी पुलिस बल और बुलडोजर का इस्तेमाल किया। यह कार्रवाई उस समय शुरू हुई जब ढालीपुर गांव से शुरू हुई ध्वस्तीकरण प्रक्रिया के दौरान कई बुलडोजर एक साथ गरजने लगे।
सामूहिक विरोध और पुलिस की सख्त कार्रवाई
मौके पर मौजूद पुलिस, जल विद्युत निगम, राजस्व विभाग और अन्य संबंधित विभागों की टीम सुबह से ही सक्रिय थी। जैसे ही पहला बुलडोजर अवैध निर्माण पर चला, पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोग अपने सामान समेटने लगे और रोने-चिल्लाने लगे। खासतौर पर मुस्लिम बहुल गांव ढकरानी पहुंचते ही स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जहां ग्रामीणों ने बुलडोजर को घेर लिया। इस विरोध के कारण गरजने वाले बुलडोजर को भीड़ के सामने रुकना पड़ा।
विरोध के बीच कार्रवाई का फिर से शुरू होना
करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए घेराबंदी की और फिर से ध्वस्तीकरण अभियान शुरू किया। इस दौरान एक बुजुर्ग अपने ध्वस्त हो रहे मकान की छत पर चढ़ गए, जिन्हें पुलिस ने जेसीबी मशीन की मदद से नीचे उतारा। इसके बाद कार्रवाई तेज हो गई। विरोध को देखते हुए एसपी देहात पंकज गैरोला ने बताया कि कई थानों की पुलिस, महिला पुलिस, पीएसी और जल पुलिस तैनात की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी इस कार्रवाई में बाधा डालेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
SDM विनोद कुमार ने बताया कि नहर किनारे बसे छह गांवों में UJVNL की जमीन पर कुल 111 अवैध अतिक्रमण हटाए जा रहे हैं। भारी पुलिस बल और राजस्व विभाग की मौजूदगी में यह अभियान जारी रहेगा। विरोध प्रदर्शन को सामान्य बताते हुए उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई आवश्यक है और इसे पूरी दृढ़ता से पूरा किया जाएगा।











