लाल किले के पास हुए भीषण धमाके का CCTV फुटेज सामने आया
लाल किले के सामने हुए शक्तिशाली विस्फोट के तुरंत बाद का एक और भयावह CCTV वीडियो अब सार्वजनिक हुआ है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे लोग घायलों को तेजी से रेहड़ी और ई-रिक्शा में डालकर अस्पताल पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। सड़क किनारे घायल पड़े हैं, और कई वाहनों में आग लगी हुई है, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल व्याप्त है।
धमाके के तुरंत बाद का दृश्य और राहत कार्य
इस वीडियो में स्पष्ट रूप से दिख रहा है कि धमाके के कुछ ही सेकंड बाद लोग अपने स्तर पर बचाव कार्य में जुट गए। घायल व्यक्तियों को रेहड़ी पर रखकर सड़क से दूर किया जा रहा है, जबकि कुछ को ई-रिक्शा में बैठाकर अस्पताल ले जाया गया। पीछे कई वाहनों में आग लगी हुई दिखाई दे रही है। मौके पर मौजूद लोग चीख-पुकार कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग घायलों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने में मदद कर रहे हैं।
जांच एजेंसियों की कार्रवाई और CCTV फुटेज का विश्लेषण
जांच टीम के अनुसार, लाल किले के पास के CCTV फुटेज को भी कब्जे में ले लिया गया है, जिसमें धमाके से पहले और बाद की स्थिति स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है। इस फुटेज में धमाके की भयानकता और अचानक होने का अंदाजा लगाया जा सकता है। साथ ही, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने प्रारंभिक रिपोर्ट में आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया था, जिसे बाद में UAPA के तहत राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दिया गया।
इसके अलावा, जांच में पता चला है कि धमाके से पहले ही संदिग्ध आतंकी उमर ने दो-दो फोन का इस्तेमाल किया था। NIA ने उसकी आई-20 कार की हर गतिविधि को ट्रैक कर एक विस्तृत टाइमलाइन तैयार की है, जिसमें उसकी हर मूवमेंट को रिकॉर्ड किया गया है। यह कार 29 अक्टूबर से 10 नवंबर तक विभिन्न स्थानों पर CCTV कैमरों में कैद हुई, जिनमें यूनिवर्सिटी, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, नोएडा, इंडिया गेट और लाल किले की पार्किंग शामिल हैं।
जांच में यह भी पता चला है कि धमाके के दिन उमर की कार खलीलपुर टोल प्लाजा, बदरपुर, आश्रम चौक, मयूर विहार, और अन्य स्थानों से गुजरती रही। इन CCTV फुटेज के आधार पर जांच एजेंसियां अब यह समझने का प्रयास कर रही हैं कि विस्फोटक कब और कहां भरा गया, और इसे किस तरह ट्रिगर किया गया। फॉरेंसिक जांच के लिए कार से मिले अवशेष, वायरिंग और केमिकल सैंपल भी भेजे गए हैं।










