जैश-ए-मोहम्मद ने महिलाओं को आतंक में शामिल करने का नया कदम उठाया
पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने अब अपने आतंकवादी अभियान में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का निर्णय लिया है। संगठन के प्रमुख मसूद अजहर का एक 21 मिनट का ऑडियो वीडियो हाल ही में सामने आया है, जिसमें उसने महिलाओं के लिए एक नई आतंकवादी शाखा जमात-उल-मोमिनात की स्थापना की घोषणा की है।
ऑडियो में महिलाओं की भर्ती और प्रशिक्षण का विस्तृत प्लान
यह ऑडियो बहावलपुर (Bahawalpur) स्थित मार्कज उस्मान ओ अली से जारी किया गया है। इसमें अजहर ने महिलाओं की भर्ती, प्रशिक्षण और धार्मिक कट्टरपंथ सिखाने की पूरी योजना का खुलासा किया है। उसने बताया कि जैसे पुरुष आतंकी दौरा-ए-तर्बियत कोर्स करते हैं, वैसे ही महिलाएं दौरा-ए-तस्किया और दौरा-आयत-उल-निसा के माध्यम से जिहादी शिक्षा प्राप्त करेंगी। अजहर का दावा है कि जो महिलाएं इस संगठन से जुड़ेंगी, उन्हें जन्नत का वादा किया जाएगा।
महिला ब्रिगेड बनाने की रणनीति और संगठन की आंतरिक संरचना
अजहर ने कहा कि हर जिले में इस नई विंग की शाखाएं स्थापित की जाएंगी, जिनकी प्रमुख डिस्ट्रिक्ट मुन्तजिमा (District Muntajima) होगी। सदस्यता लेने वाली महिलाओं को किसी भी गैर-महरम पुरुष से बात करने की मनाही होगी। जांच में पता चला है कि इस विंग की कमान अजहर की बहन सादिया अजहर के पास है, जबकि उसकी दूसरी बहन समीरा अजहर और अफीरा फारूक भी इस गतिविधि में सक्रिय हैं। ऑनलाइन कक्षाओं के जरिए भर्ती अभियान 25 अक्टूबर से शुरू किया गया है, जिसमें कई महिलाएं शामिल हैं, जिनके पति या रिश्तेदार भारतीय सेना के साथ मुठभेड़ में मारे गए थे। इन महिलाओं का इस्तेमाल शोबा-ए-दावत नामक प्रचार अभियान के तहत किया जा रहा है।











