बिहार चुनाव में तेज प्रताप यादव का दावा और महुआ सीट का मुकाबला
बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान जनता दल (तेज प्रताप यादव) के प्रमुख तेज प्रताप यादव ने अपनी पार्टी के जीतने का भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी लगभग दस से पंद्रह सीटें जीत सकती है। हालांकि, सरकार किसके हाथ में बनेगी, इस पर उन्होंने स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा, बस इतना कहा कि 14 नवंबर को ही परिणाम स्पष्ट हो जाएगा। महुआ सीट पर वह खुद RJD (राष्ट्रीय जनता दल) के मुकेश कुमार रोशन और LJP (रामविलास) के संजय कुमार सिंह के खिलाफ मैदान में हैं, जिससे यह मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है।
तेज प्रताप यादव की भविष्यवाणी और चुनावी रणनीति
तेज प्रताप यादव ने अपनी सीटों को लेकर अनुमान तो लगाया, लेकिन उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि वह कोई ‘सर्वज्ञ’ नहीं हैं, यानी उन्हें पूरी जानकारी नहीं है कि सरकार किसके हाथ में बनेगी। यह बयान उस समय आया है जब बिहार में NDA (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) और INDIA (इंडिया) गठबंधन के बीच मुख्य मुकाबला चल रहा है। बिहार चुनाव के परिणाम 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे, जिसके बाद ही तय होगा कि राज्य में नई सरकार किस गठबंधन की बनेगी।
महुआ सीट पर मुख्य मुकाबला और राजनीतिक समीकरण
महुआ सीट पर मुख्य मुकाबला तीन उम्मीदवारों के बीच है। तेज प्रताप यादव, जो जनता दल (तेज प्रताप यादव) के उम्मीदवार हैं, ने इस सीट को अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने के लिए चुना है। उनके प्रतिद्वंद्वी हैं मुकेश कुमार रोशन, जो RJD (राष्ट्रीय जनता दल) के उम्मीदवार हैं और 2020 के चुनाव में इसी सीट से विजेता रहे थे। साथ ही NDA (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) से लोजपा (रामविलास) के संजय कुमार सिंह भी मैदान में हैं। यह त्रिकोणीय मुकाबला इस सीट को खास बना रहा है, क्योंकि तेज प्रताप यादव अपने पिता लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे हैं और उन्होंने अपनी नई पार्टी (JJD) बनाकर अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाली RJD के खिलाफ उम्मीदवार उतारा है।











