मध्य प्रदेश में सरकारी एंबुलेंस की लापरवाही का मामला सामने आया
मंदसौर (Mandsaur) जिले से एक गंभीर घटना प्रकाश में आई है, जिसमें एक 16 दिन के नवजात बच्चे को अस्पताल पहुंचाने के दौरान एंबुलेंस अचानक रास्ते में बंद हो गई। यह घटना उस समय हुई जब परिजन और ग्रामीण मिलकर एंबुलेंस को स्टार्ट करने का प्रयास कर रहे थे। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें देखा जा सकता है कि ग्रामीण धक्का देकर एंबुलेंस को चालू करने का प्रयास कर रहे हैं।
बच्चे की तबीयत खराब होने पर हुई देरी और तकनीकी खराबी
दरअसल, गरोठ क्षेत्र में एक नवजात बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। परिजनों ने तुरंत 108 एंबुलेंस को कॉल किया, लेकिन यह दो घंटे की देरी से पहुंची। जब बच्चे को जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था, तभी रास्ते में ही एंबुलेंस का इंजन बंद हो गया। ग्रामीणों ने मिलकर उसे स्टार्ट करने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। अंततः, ड्राइवर ने दूसरी एंबुलेंस का सहारा लेकर बच्चे को अस्पताल पहुंचाया। जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि नियमित मेंटेनेंस के बावजूद यह घटना हुई है।
ड्राइवर की लापरवाही और तकनीकी खराबी से हुई दुर्घटना
अधिकारियों का कहना है कि इस दुर्घटना का कारण ड्राइवर की लापरवाही या तकनीकी खराबी हो सकती है। एंबुलेंस लगभग 40 किलोमीटर पहले ही तितरोद गांव में बंद हो गई थी, इसकी जांच की जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि एंबुलेंस का टायर भी रास्ते में पंचर हो गया था, जिससे मरीज की जान पर बन आई। इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, और प्रशासन से सुधार की मांग उठ रही है।











