गुरुग्राम में नाबालिग छात्र पर गोलीबारी का मामला
हरियाणा के गुरुग्राम शहर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसमें 11वीं कक्षा का छात्र अपने ही क्लासमेट और साथी द्वारा गोली का शिकार हो गया। इस घटना में छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों नाबालिग आरोपियों को हिरासत में लिया है और पूछताछ शुरू कर दी है। इस पूरे मामले की जांच-पड़ताल जारी है।
पुलिस ने मौके से बरामद किए हथियार और सबूत
गुरुग्राम पुलिस को सूचना मिली थी कि सेक्टर 48 में एक छात्र को गोली लगी है। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। घायल छात्र को परिजन अस्पताल ले गए, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। जांच के दौरान, क्राइम सीन, FSL (Forensic Science Laboratory), फिंगरप्रिंट टीम और थाना प्रबंधक की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने अपने पिता की लाइसेंसी पिस्टल से अपने ही क्लासमेट को गोली मारी। इस जघन्य अपराध में दो नाबालिगों को गिरफ्तार किया गया है। घटना स्थल से एक पिस्टल, एक मैगजीन, पांच जिंदा कारतूस और एक खाली खोल बरामद हुआ है। साथ ही, कमरे के अंदर रखे बॉक्स से एक और मैगजीन और 65 जिंदा कारतूस भी मिले हैं।
मामले की जड़ें और पुलिस की कार्रवाई
मूल रूप से, घायल छात्र की मां ने पुलिस को लिखित शिकायत में बताया कि उनका बेटा 11वीं कक्षा में पढ़ता है। उसने बताया कि उसके बेटे के स्कूल के एक दोस्त का फोन आया था कि मिलना है, लेकिन उसने मना कर दिया। इसके बाद, उस दोस्त ने कहा कि वह खुद आ रहा है। बेटा खेड़की दौला टोल पर गया, जहां उसका दोस्त मिला। करीब दो महीने पहले, आरोपी और पीड़ित के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। इसी रंजिश के चलते, आरोपी ने अपने साथी के साथ मिलकर जान से मारने की नीयत से गोली चलाई। पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। घटना के कुछ ही घंटों में, पुलिस ने दोनों नाबालिग आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि तीनों आरोपी एक ही स्कूल के 11वीं कक्षा के छात्र हैं। दो महीने पहले, आरोपी का पीड़ित से झगड़ा हुआ था, जिसे रंजिश मानते हुए उसने पीड़ित को बुलाया और रास्ते में खाना-पीना किया। फिर, आरोपी ने अपने पिता की लाइसेंसी पिस्टल से गोली मार दी। आरोपी के पिता प्रॉपर्टी डीलर हैं और घर में लाइसेंसी हथियार रखे हुए थे, जिन्हें आरोपी ने उठा लिया। पुलिस ने चेतावनी दी है कि लाइसेंसी हथियारों को बच्चों की पहुंच से दूर रखना जरूरी है।











