भारत और बहरीन के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंध
भारत और बहरीन के बीच संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से दोनों देशों के विदेश मंत्री दिल्ली में मिले। इस बैठक के दौरान, दोनों पक्षों ने साझा हाई जॉइंट कमीशन की बैठक में भाग लिया, जिसमें द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत बनाने पर चर्चा हुई। इस दौरान, दोनों देशों ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता दिखाते हुए पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की।
साझा सुरक्षा प्रयास और क्षेत्रीय सहयोग
बैठक में क्रॉस बॉर्डर टेररिज्म से मुकाबले के लिए इंटेलिजेंस शेयरिंग, क्षमता निर्माण और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और बढ़ाने पर सहमति बनी। दोनों देशों ने रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में भी अपने सहयोग को और मजबूत करने का निर्णय लिया। सितंबर में बहरीन के तीन नौसैनिक जहाजों के भारत आने से समुद्री सुरक्षा में और वृद्धि हुई है।
आर्थिक और व्यापारिक प्रगति का उत्साह
दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय डबल टैक्सेशन अवॉइडेंस समझौते में हो रही प्रगति की सराहना की। साथ ही, व्यापार, निवेश, फिनटेक, स्पेस, संस्कृति और लोगों के बीच संबंधों में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। दोनों देशों ने व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए गठित जॉइंट वर्किंग ग्रुप की भूमिका को महत्वपूर्ण माना।
डॉ. जयशंकर का बयान और क्षेत्रीय सहयोग
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि भारत और बहरीन के बीच व्यापार और निवेश में पिछले वर्षों में निरंतर वृद्धि देखी गई है। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक वीज़ा प्रणाली शुरू करने पर जोर देते हुए बहरीन के नागरिकों को यात्रा के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही, खाड़ी सहयोग परिषद के शिखर सम्मेलन में बहरीन की अध्यक्षता का समर्थन भी जताया।
क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा और सांस्कृतिक संबंध
डॉ. जयशंकर ने कहा कि सितंबर में भारतीय नौसेना के तीन जहाजों का बहरीन दौरा द्विपक्षीय मैत्री और क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने भारतीय समुदाय के कल्याण के लिए बहरीन सरकार का समर्थन भी सराहा। बहरीन के विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों देशों के संबंध लगभग पाँच हजार साल पुराने हैं, जो व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर आधारित हैं।











