मदरसों में नकली मुद्रा का खुलासा और राजनीतिक विवाद
खंडवा जिले में एक मदरसे से 19 लाख रुपये से अधिक की नकली करेंसी बरामद होने के बाद राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है। इस मामले ने सरकार और विपक्ष दोनों को ही गंभीरता से सोचने पर मजबूर कर दिया है। इस घटना के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और विधायक रामेश्वर शर्मा ने मदरसों को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
मदरसों को लेकर सरकार और नेताओं की तीखी टिप्पणी
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने आरोप लगाया कि कुछ मदरसे अवैध गतिविधियों का केंद्र बनते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले ऐसा नहीं था, लेकिन अब बाहर से आए लोग इन मदरसों में काम कर रहे हैं और अवैध कारोबार भी कर रहे हैं। सरकार को चाहिए कि इन मदरसों की पूरी जानकारी हासिल की जाए और आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि प्रदेश में मौजूद सभी मदरसों के लिए एक स्पष्ट नीति बनाई जानी चाहिए।
विपक्षी नेताओं का आरोप और मदरसों पर कार्रवाई की मांग
वहीं, भाजपा के विधायक रामेश्वर शर्मा ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिन मदरसों को शिक्षा का केंद्र माना जाता है, वे अब आतंकवादियों और भारत विरोधी गतिविधियों का अड्डा बन गए हैं। उन्होंने कहा कि पहले भी उन्होंने इन मदरसों के बारे में चेतावनी दी थी और अब भी यह मांग की है कि इन मदरसों को बंद किया जाए। शर्मा ने कहा कि इन मदरसों से न केवल आतंकवादी गतिविधियों का संबंध जुड़ा है, बल्कि ये राष्ट्रविरोधी और राष्ट्रगान का अपमान करने वाले भी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इन मदरसों से फर्जी नोट छापने की मशीनें भी बरामद हुई हैं, जो भारत की सुरक्षा के लिए खतरा हैं।
मदरसों में आतंकवाद और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों का खतरा
शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि इन मदरसों में पढ़ाने वाले मौलवी और स्कॉलर आतंकवाद और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने मुस्लिम समुदाय से भी अपील की कि वे इन मदरसों के खिलाफ कार्रवाई में सहयोग करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आवश्यक हुआ तो इन मदरसों को तोड़ने और बंद करने का कदम उठाया जाएगा। इस मामले में गिरफ्तार किए गए इमाम जुबेर अंसारी और उनके साथी के पास से नकली नोटों का जखीरा बरामद हुआ है, जो इस बात का संकेत है कि ये मदरसे भारत को अस्थिर करने की साजिश रच रहे हैं।











