जमैका में भीषण तूफान मेलिसा का कहर
कैरेबियाई देश जमैका में हाल ही में आए शक्तिशाली तूफान मेलिसा ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें अब तक 28 लोगों की जान चली गई है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह तूफान इस दशक का सबसे प्रचंड तूफान माना जा रहा है, जिसने जमैका को 185 मील प्रति घंटे की रफ्तार से अपनी चपेट में लिया। तेज हवाओं ने हजारों घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया और व्यापक विनाश का कारण बना।
तूफान का प्रभाव और क्षेत्रीय नुकसान
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, मेलिसा ने जमैका के साथ ही हैती, डोमिनिकन रिपब्लिक और क्यूबा में भी भारी नुकसान पहुंचाया है। क्यूबा पहुंचते-पहुंचते तूफान की गति कुछ धीमी हो गई थी, फिर भी कई इलाकों में सड़कें टूट गईं, घर ढह गए और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। रेड क्रॉस ने इसे “अभूतपूर्व विनाशकारी आपदा” करार दिया है, जो क्षेत्र में व्यापक मानवीय संकट का संकेत है।
राहत कार्य और सरकार की प्रतिक्रिया
जमैका सरकार ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा है कि वह पूरे समुदाय के साथ खड़ी है। इस बीच ब्रिटेन से राहत सामग्री हवाई मार्ग से भेजी जा रही है और वहां फंसे अपने नागरिकों की वापसी की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। शनिवार शाम को पहली ब्रिटिश चार्टर्ड फ्लाइट जमैका से रवाना हुई, जिसमें वे लोग शामिल थे जो वाणिज्यिक उड़ानों से नहीं जा सकते थे।
अंतरराष्ट्रीय सहायता और राहत प्रयास
ब्रिटेन ने कैरेबियाई क्षेत्र में राहत और बचाव कार्य के लिए अतिरिक्त 5 मिलियन पौंड की सहायता की घोषणा की है, जो पहले से घोषित 2.5 मिलियन पौंड से अधिक है। इस सहायता से 3000 से अधिक शेल्टर किट और 1500 से अधिक सोलर लालटेन भेजी जाएंगी, ताकि प्रभावित इलाकों में बिजली और जीवन यापन की सुविधाएं तुरंत बहाल की जा सकें।
राहत कार्यों में चुनौतियां और वर्तमान स्थिति
स्थानीय अधिकारी और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं। हालांकि तूफान का खतरा फिलहाल टल गया है, लेकिन प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य जीवन बहाल होने में अभी समय लगेगा। तेज बारिश और हवाओं के कारण संचार और परिवहन व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे राहत कार्यों में बाधाएं आ रही हैं।











