बंगाल की राजनीतिक स्थिति पर चिंता व्यक्त
RSS सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने पश्चिम बंगाल की वर्तमान राजनीतिक स्थिति को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि राज्य में फैली नफरत और द्वेष का माहौल देश के हित में नहीं है। बंगाल में हिंसा और अस्थिरता का वातावरण बना हुआ है, जो समाज को तोड़ने का प्रयास प्रतीत होता है, न कि केवल राजनीति का हिस्सा।
राजनीतिक अस्थिरता और समाज का विभाजन
होसबाले ने स्पष्ट किया कि बंगाल में चल रही हिंसा और तनावपूर्ण माहौल समाज के लिए खतरा है। यह स्थिति राजनीतिक नहीं बल्कि समाज को विभाजित करने का प्रयास है, जो देश की एकता और स्थिरता के लिए चिंता का विषय है।
RSS पर प्रतिबंध की पुरानी धमकियों का जवाब
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के RSS पर प्रतिबंध लगाने के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, होसबाले ने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है। उन्होंने बताया कि पहले भी संघ पर प्रतिबंध लगाने की कई कोशिशें हुई हैं, लेकिन हर बार संघ मजबूत होकर खड़ा रहा है। संघ का उद्देश्य समाज के हित में कार्य करना है, राजनीति से नहीं।
संघ का मजबूत और स्थिर रहना
होसबाले ने कहा कि संघ अपने विचारों पर अडिग है और समाज के लिए निरंतर कार्यरत है। उन्होंने यह भी बताया कि संघ का मकसद राजनीति नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक पुनर्निर्माण है, जिससे समाज को जोड़ने और राष्ट्र को मजबूत बनाने का प्रयास किया जाता है।
ड्रग्स और धर्मांतरण के खिलाफ संघ की सक्रियता
दत्तात्रेय होसबाले ने देश के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों जैसे IITs और स्कूलों में बढ़ते नशे की प्रवृत्ति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि युवाओं में नशे की लत बढ़ रही है, जो राष्ट्र की ऊर्जा को कमजोर कर रही है। संघ इस दिशा में समाज को जागरूक करने के लिए अभियान चलाएगा।
नशे के खिलाफ समाज का जागरूकता अभियान
होसबाले ने बताया कि संघ सामाजिक संगठनों और अभिभावकों के साथ मिलकर नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाएगा, ताकि युवाओं को इससे बचाया जा सके।
धर्मांतरण और घर वापसी की दिशा में संघ का प्रयास
होसबाले ने कहा कि देश में धर्मांतरण की घटनाएं खासकर पंजाब और सिख समुदाय में बढ़ रही हैं। संघ इस पर रोक लगाने के लिए जागरूकता अभियान चला रहा है। उनका उद्देश्य किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि उन लोगों को उनके मूल धर्म में वापस लाना है, जिन्हें छल या लालच से धर्मांतरित किया गया है।
धर्मांतरण रोकने का संघ का मिशन
संघ का मानना है कि धर्मांतरण के खिलाफ जागरूकता फैलाना और लोगों को उनके धर्म में वापस लाना समाज और राष्ट्र दोनों के हित में है। यह अभियान समाज को मजबूत बनाने और धार्मिक सद्भाव को बढ़ावा देने का प्रयास है।
संघ का सामाजिक और शैक्षिक योगदान
होसबाले ने कहा कि संघ की भूमिका राजनीति से ऊपर उठकर समाज के पुनर्निर्माण की है। यह संगठन सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक क्षेत्रों में काम करता है। उनका उद्देश्य समाज को जागरूक बनाना, जोड़ना और राष्ट्र को मजबूत करना है।










