दिल्ली में वायु गुणवत्ता का गंभीर संकट
दिल्ली की वायु गुणवत्ता एक बार फिर गंभीर स्तर पर पहुंच गई है, जिससे शहर की हवा जहरीली हो गई है। सोमवार को औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 301 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। सुबह से ही शहर में धुंध की मोटी परत छाई रही, जिससे दृश्यता प्रभावित हुई और सांस लेना भी कठिन हो गया।
प्रदूषण का स्तर और मुख्य क्षेत्र
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, शाम 6 बजे तक दिल्ली के 38 में से 22 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई। आनंद विहार (AQI 395) सबसे अधिक प्रदूषित क्षेत्र रहा, जबकि वज़ीरपुर (AQI 385) दूसरे स्थान पर रहा। हालांकि, किसी भी स्टेशन पर प्रदूषण का स्तर ‘गंभीर’ श्रेणी तक नहीं पहुंचा।
मौसम और तापमान का प्रभाव
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, सोमवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 29.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17.3 डिग्री सेल्सियस रहा। दिनभर आर्द्रता का स्तर 94 प्रतिशत से घटकर 58 प्रतिशत तक पहुंच गया। मौसम की यह स्थिति प्रदूषण के फैलाव में सहायक साबित हो रही है, जिससे हवा की गुणवत्ता और भी खराब हो रही है।
प्रदूषण के कारण और स्रोत
दिल्ली में प्रदूषण के बढ़ने के पीछे मुख्य कारणों में परिवहन क्षेत्र का योगदान 13.7 प्रतिशत है। गाजियाबाद से 10.6 प्रतिशत, मेरठ से 4.8 प्रतिशत और दिल्ली की स्थानीय उत्सर्जन से 3.6 प्रतिशत प्रदूषण फैल रहा है। इसके अलावा, सैटेलाइट आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में 122, हरियाणा में 8 और उत्तर प्रदेश में 186 पराली जलाने की घटनाएं दर्ज की गई हैं, जो हवा की गुणवत्ता को और खराब कर रही हैं।
आगामी मौसम और स्वास्थ्य सलाह
मंगलवार को IMD ने आसमान में हल्के बादल और धुंध या कोहरे की संभावना जताई है। कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है। अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे सुबह और शाम के समय बाहर निकलने से बचें, जब प्रदूषण का स्तर सबसे अधिक होता है।
स्वास्थ्य सुरक्षा के उपाय
डॉ. हिनल शाह, कंसल्टेंट बायोकैमिस्ट, ने कहा कि सर्दियों में हवा की घनता बढ़ जाती है, जिससे प्रदूषक कण फंस जाते हैं और सांस से जुड़ी समस्याएं बढ़ जाती हैं। उन्होंने लोगों को N95 मास्क और HEPA एयर प्यूरीफायर का उपयोग करने की सलाह दी है, ताकि स्वास्थ्य जोखिम कम किया जा सके।











