बांग्लादेश के अंतरिम प्रमुख का विवादास्पद कदम
बांग्लादेश के अस्थायी प्रधानमंत्री मुहम्मद यूनुस ने एक बार फिर भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र को लेकर विवादित बयान देकर क्षेत्रीय कूटनीति में हलचल मचा दी है। इस बार, उन्हें एक पाकिस्तानी जनरल को एक विवादास्पद नक्शा दिखाते हुए देखा गया, जिसमें असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों को बांग्लादेश का हिस्सा दर्शाया गया है। यह घटना तब हुई जब पाकिस्तान के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष जनरल साहिर शमशाद मिर्जा ने ढाका का दौरा किया और यूनुस से मुलाकात की। दोनों नेताओं की यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत और बांग्लादेश के बीच संबंध सामान्य होने की दिशा में बढ़ रहे हैं, फिर भी इस तरह के कदम तनाव को जन्म दे सकते हैं।
मुलाकात के दौरान विवादित नक्शा और सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
यूनुस ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पाकिस्तानी जनरल के साथ अपनी मुलाकात की तस्वीरें साझा कीं। इनमें से एक तस्वीर में उन्होंने मिर्जा को एक किताब भेंट की, जिसका कवर विवादास्पद नक्शा दिखाता है, जिसमें भारत के सात पूर्वोत्तर राज्यों को बांग्लादेश का हिस्सा माना गया है। इस नक्शे को देखकर देशभर में आक्रोश फैल गया है, क्योंकि यह कट्टरपंथी इस्लामी समूहों द्वारा प्रस्तावित ग्रेटर बांग्लादेश की कल्पना के अनुरूप है। सोशल मीडिया पर विश्लेषकों और पत्रकारों ने इस कदम को भारत के संप्रभु क्षेत्र में बिना अनुमति दखल देने का आरोप लगाया है। अभी तक भारत के विदेश मंत्रालय ने इस विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
पूर्वोत्तर क्षेत्र को लेकर यूनुस की पुरानी टिप्पणियां और क्षेत्रीय प्रभाव
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद बांग्लादेश-पाकिस्तान संबंधों में नरमी आई है। यह पहली बार नहीं है जब यूनुस ने भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र का जिक्र किया है। पिछले कुछ महीनों में, उन्होंने बार-बार इन राज्यों को लेकर अपनी राय व्यक्त की है। अप्रैल में अपनी चीन यात्रा के दौरान, यूनुस ने दावा किया था कि बांग्लादेश इस क्षेत्र का समुद्र का एकमात्र संरक्षक है, क्योंकि पूर्वोत्तर भारत भूमि से घिरा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस क्षेत्र में चीन का प्रभाव बढ़ाने और अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का अवसर है, क्योंकि भारत के इन राज्यों का समुद्र तक पहुंच नहीं है।











