अमेरिका की कोशिशें और भारत-पाकिस्तान सीजफायर
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार भारत और पाकिस्तान के बीच स्थायी सीजफायर कराने का दावा किया, लेकिन हर बार यह प्रयास असफल रहा। ट्रंप ने कई बार प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करने का प्रयास किया, लेकिन व्यस्तता का हवाला देकर इन मुलाकातों को टाल दिया गया। वहीं, यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने का दावा करने वाले ट्रंप की रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ होने वाली बैठक भी स्थगित हो गई।
ट्रंप की चीन और उत्तर कोरिया के साथ संबंधों की कोशिशें
ट्रंप ने कई बार चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलने की इच्छा जताई है और उन्हें अपना मित्र भी बताया है। बावजूद इसके, उन्हें शी से वह अपेक्षित समर्थन नहीं मिल रहा है। वहीं, ट्रंप का उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग उन के साथ संबंध सुधारने का प्रयास जारी है। उन्होंने कहा है कि वह उत्तर कोरियाई नेता से मिलने के लिए तैयार हैं, जो उनके संबंधों में नई दिशा दिखाता है।
उत्तर कोरिया को परमाणु शक्ति मानने का विवादित बयान
2019 में अपने पहले कार्यकाल के दौरान, ट्रंप ने उत्तर कोरिया को परमाणु शक्ति का देश बताया था, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मच गई। उन्होंने कहा कि उनके पास पहले से ही कई परमाणु हथियार हैं। यह बयान उस समय भी विवाद का विषय बना था, जब व्हाइट हाउस ने इसे केवल स्वीकृति माना। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप ने शायद परमाणु शक्ति की सही परिभाषा को पूरी तरह से नहीं समझा था।
अमेरिका का उत्तर कोरिया को परमाणु मान्यता का सवाल
आज की टिप्पणियों से संकेत मिलता है कि अमेरिका उत्तर कोरिया को आधिकारिक तौर पर परमाणु शक्ति के रूप में मान्यता देगा या नहीं, यह सवाल फिर से उभर कर आया है। दशकों से, अमेरिका ने उत्तर कोरिया को परमाणु शक्ति के रूप में मान्यता देने से इनकार किया है और परमाणु निरस्त्रीकरण पर जोर दिया है। ट्रंप ने अपनी दक्षिण कोरिया यात्रा के दौरान भी किम जोंग उन से मिलने की इच्छा जताई थी, और कहा था कि उनके अच्छे संबंध हैं।











