ग्वालियर में गोवर्धन पूजा का भव्य आयोजन
मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में लाल टिपारा गौशाला में इस वर्ष सबसे बड़े स्तर पर गोवर्धन पूजा का आयोजन किया गया। यह आयोजन श्रद्धालुओं के बीच आस्था और प्रकृति के अद्भुत मेल का प्रतीक बना रहा। गौशाला परिसर में करीब 108 टन गोबर का उपयोग कर 21 फीट ऊंचा गोवर्धन पर्वत तैयार किया गया, जो सभी का ध्यान आकर्षित करने वाला था। इस गौशाला में दस हजार से अधिक गायें पाली जाती हैं, और यहाँ भगवान गोवर्धन की पूजा बड़े ही श्रद्धा और भक्ति के साथ की गई। भगवान को 56 प्रकार के भोग अर्पित किए गए, जिससे यह धार्मिक आयोजन और भी भव्य बन गया।
श्रद्धालुओं की भागीदारी और प्रमुख हस्तियों का सम्मिलन
गौशाला में आयोजित इस धार्मिक समारोह में ग्वालियर-चंबल क्षेत्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इस अवसर पर मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, सांसद भारत सिंह कुशवाह, कलेक्टर रुचिका चौहान, नगर निगम कमिश्नर संघप्रिय सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। श्रद्धालुओं ने गौशाला में गोवर्धन पूजा करने का अनुभव अत्यंत अलौकिक बताया और कहा कि इस तरह के आयोजन से धार्मिक आस्था और गौ-संरक्षण का महत्व और भी बढ़ता है।
प्रमुख धार्मिक और सामाजिक संदेश
गौशाला के प्रबंधक संत ऋषभदेव ने बताया कि इस तरह के आयोजन से गौ-संरक्षण और धार्मिक आस्था का प्रचार-प्रसार होता है। वहीं, भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित राज्य स्तरीय गोवर्धन पूजा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि हमारी परंपराएं और उत्सव प्रकृति के प्रति सम्मान और समाज के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति ने हमें छोटी-छोटी चीजों के प्रति आभार व्यक्त करना सिखाया है। आज हम प्रकृति के दाता स्वरूप को प्रणाम कर रहे हैं और इस पूजा के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि गोवर्धन पूजा ‘जियो और जीने दो’ के विचार का प्रतीक है, जो समाज में साझा संसाधनों और खाद्य सामग्री के महत्व को दर्शाता है। यह त्योहार हमें यह भी याद दिलाता है कि धरती पर सभी जीव-जंतुओं के साथ सामंजस्य ही जीवन का आधार है।











