सियाचिन ग्लेशियर से लेकर INS विक्रांत तक: भारतीय सेना का दिवाली उत्सव
देश की सैन्य ताकत ने दिवाली के अवसर पर अपने जवानों और सुरक्षा कर्मियों के साथ खास पल बिताए। सियाचिन ग्लेशियर, जो कि दुनिया का सबसे ऊंचा सैन्यीकृत क्षेत्र है, वहां भारतीय सैनिक कठोर ठंड और तेज हवाओं का सामना करते हुए अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे हैं। इस क्षेत्र में लगभग 20,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह स्थान, भारतीय सेना की अदम्य साहस और समर्पण का प्रतीक है।
लद्दाख में वायु सेना का दिवाली समारोह
वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने लद्दाख क्षेत्र का दौरा किया और वहां तैनात वायु सेना तथा सेना के जवानों के साथ दिवाली मनाई। इस दौरान उन्होंने जवानों की कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य के प्रति समर्पण और पेशेवर क्षमता की प्रशंसा की। जवानों ने इस त्योहार को अपने देश की सेवा में बिताया, जो उनकी अदम्य भावना और देशभक्ति का परिचायक है।
सेना और नौसेना की दिवाली परंपराएं
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने उत्तराखंड के पिथौरागढ़ और कुमाऊं क्षेत्र में तैनात पंचशूल ब्रिगेड का दौरा किया। उन्होंने सैनिकों के साथ दिवाली मनाई और उनकी तत्परता तथा पेशेवर मानकों की सराहना की। इसके साथ ही, उन्होंने हरित ऊर्जा, जल और ईंधन के भूमिगत भंडारण जैसी पहलों की भी प्रशंसा की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नौसेना के पोत INS विक्रांत पर दिवाली मनाई। इस दौरान उन्होंने पोत पर हवाई अभ्यास देखा, सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लिया और नौसेना के साथ मिलकर बाराखाना किया। नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी भी इस अवसर पर मौजूद रहे, जिन्होंने भारतीय नौसेना की बहादुरी और समर्पण को सलाम किया।










