दिल्ली-एनसीआर में दिवाली के दौरान वायु गुणवत्ता का गंभीर संकट
दिवाली के त्योहार के अवसर पर दिल्ली और एनसीआर (National Capital Region) की वायु गुणवत्ता बेहद खराब हो गई है। प्रदूषण का स्तर इस हद तक बढ़ गया है कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने आपातकालीन कदम उठाने का निर्णय लिया है। मौसम और हवा की स्थिति का विश्लेषण करने के बाद आयोग ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत स्टेज-2 के उपायों को तुरंत लागू करने का आदेश दिया है।
वायु गुणवत्ता की स्थिति और प्रमुख क्षेत्र
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की रिपोर्ट के अनुसार आज दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई है। सबसे अधिक प्रदूषण आनंद विहार क्षेत्र में देखा गया, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 417 तक पहुंच गया है। इसके अलावा विजय नगर (गाज़ियाबाद) में AQI 348 और नोएडा में AQI 341 रहा। नोएडा सेक्टर-1 का AQI 344 दर्ज किया गया है। रविवार शाम को AQI 300 था, जो रात होते-होते 302 तक पहुंच गया, और यह ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आ गया है।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए उठाए गए कदम
CAQM ने NCR (National Capital Region) के सभी संबंधित प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे GRAP स्टेज-2 के तहत लागू किए गए 12 सूत्रीय एक्शन प्लान का तुरंत पालन करें। इन उपायों में सड़कों की सफाई, धूल नियंत्रण, निर्माण स्थलों की निगरानी, और यातायात प्रबंधन जैसे कदम शामिल हैं। साथ ही, निजी वाहनों का उपयोग कम करने और सार्वजनिक परिवहन को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया है।
आगे की रणनीति और नागरिकों के लिए सुझाव
इन कदमों के अलावा, आयोग ने नागरिकों से भी अनुरोध किया है कि वे प्रदूषण नियंत्रण के लिए जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। इसमें सार्वजनिक परिवहन का अधिक से अधिक उपयोग, निजी वाहनों का कम प्रयोग, और धूल से बचाव के उपाय शामिल हैं। साथ ही, निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण नियमों का सख्ती से पालन करने और खुले में बायोमास जलाने से बचने की सलाह दी गई है। इन प्रयासों का उद्देश्य वायु प्रदूषण को नियंत्रित कर त्योहारों के दौरान स्वस्थ वातावरण बनाए रखना है।











