हरियाणा पुलिस में खुलासे: भ्रष्टाचार और गैंगस्टर कनेक्शन का पर्दाफाश
हरियाणा पुलिस के दो वरिष्ठ अधिकारियों की आत्महत्या ने पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार और एएसआई संदीप लाठर की मौतों के बाद, पुलिस विभाग में जातीय भेदभाव, भ्रष्टाचार, वसूली और गैंगस्टर से जुड़े संबंधों के गंभीर आरोप सामने आए हैं। इन खुलासों ने न केवल प्रशासनिक स्तर पर बल्कि राजनीतिक स्तर पर भी तूफान ला दिया है।
आत्महत्या का कारण और पुलिस महकमे में विवाद
29 सितंबर को वाई पूरन कुमार ने कथित रूप से आत्महत्या कर ली, जिसके पीछे उनके साथ हो रहे उत्पीड़न और भ्रष्टाचार के आरोप बताए जा रहे हैं। उस दिन उन्हें अचानक ही रोहतक से सुनारिया पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में स्थानांतरित कर दिया गया, जो उनके लिए एक बड़ा झटका था। अगले ही दिन, 30 सितंबर को, उन्होंने पद छोड़कर छुट्टी पर चले गए।
इसके बाद, 1 अक्टूबर को जब वे अपने निजी सुरक्षा अधिकारी के साथ चंडीगढ़ जा रहे थे, तो रोहतक पुलिस की एक टीम ने उनकी गाड़ी रोक ली। बिना किसी एफआईआर या वारंट के, उनके पीएसओ को हिरासत में ले लिया गया। आरोप है कि इस दौरान पीएसओ से अवैध पूछताछ की गई और उन्हें प्रताड़ित भी किया गया।
6 अक्टूबर को पीएसओ के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया, जिसमें आरोप था कि उसने एक व्यापारी से 2.5 लाख रुपये की वसूली का प्रयास किया। इस केस में संदीप लाठर भी शामिल थे, जिन्होंने डिजिटल साक्ष्य जुटाए। सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई रणनीतिक रूप से की गई थी ताकि पूरन कुमार को अप्रत्यक्ष रूप से आरोपी दिखाया जा सके।
सुसाइड और संदीप लाठर की मौत के पीछे जटिल कहानी
7 अक्टूबर को, पूरन कुमार ने अपने सरकारी आवास पर खुद को गोली मार ली। उनके पास से मिले 8 पेज के सुसाइड नोट में उन्होंने अपने ऊपर हो रहे मानसिक उत्पीड़न, झूठे आरोप और वरिष्ठ अधिकारियों की साजिश का जिक्र किया। उन्होंने अपने नाम आठ आईपीएस अधिकारियों का भी उल्लेख किया, जिन पर उन्होंने मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया।
उनकी पत्नी और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमनीत पी. कुमार ने तुरंत ही पोस्टमार्टम की अनुमति देने से इनकार कर दिया, जब तक कि आरोपित अधिकारियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती। इसके बाद, उनके लैपटॉप की फोरेंसिक जांच को लेकर विवाद शुरू हो गया। अमनीत कुमार ने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियां पारदर्शिता का अभाव कर रही हैं और डिजिटल सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका है।
14 अक्टूबर को, संदीप लाठर ने भी अपने ऊपर गोली चला ली। उन्होंने अपने सुसाइड नोट और वीडियो संदेश में पूरन कुमार पर रिश्वत लेने, जबरन वसूली करने और महिला अधिकारियों के साथ गलत व्यवहार का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि वे निष्पक्ष जांच के लिए अपनी जान दे रहे हैं। संदीप लाठर ने अपने नोट में यह भी आरोप लगाया कि पूरन कुमार ने गैंगस्टर राव इंद्रजीत के साथ 50 करोड़ रुपये का सौदा किया था, जो अब अमेरिका में छिपा है।
गैंगस्टर और पुलिस के बीच संबंध का खुलासा
ASI संदीप लाठर का आरोप है कि पूरन कुमार ने अपने बचाव के लिए कुख्यात गैंगस्टर राव इंद्रजीत के साथ मिलकर 50 करोड़ रुपये का सौदा किया था। राव इंद्रजीत, जो ‘जेम्स म्यूजिक’ नामक कंपनी चलाता है, वर्तमान में अमेरिका में है और उसका संबंध कई आपराधिक मामलों से जुड़ा हुआ है। इस आरोप ने पहले से ही जटिल बने मामले को और भी पेचीदा बना दिया है, क्योंकि शुरुआती जांच जातिगत भेदभाव के एंगल से शुरू हुई थी।
यह मामला अब भ्रष्टाचार, गैंगस्टर नेटवर्क और पुलिस के गठजोड़ का रूप ले चुका है, जिसने हरियाणा पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन घटनाओं ने विभाग की विश्वसनीयता को भी बुरी तरह प्रभावित किया है, और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।










