हरियाणा के आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या का मामला
हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या ने राज्य में हलचल मचा दी है। इस घटना के पीछे कई गंभीर आरोप और विवाद छुपे हुए हैं। पुलिस जांच में पता चला है कि पूरन कुमार ने अपने सुसाइड नोट में 13 वरिष्ठ अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। इस मामले में सरकार ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए डीजीपी शत्रुजीत कपूर को लंबी छुट्टी पर भेज दिया है।
सुसाइड नोट में लगाए गए आरोप और पुलिस कार्रवाई
7 अक्टूबर को अपने घर के साउंडप्रूफ बेसमेंट में गोली मारकर आत्महत्या करने वाले पूरन कुमार ने अपने आठ पेज के नोट में कई वरिष्ठ अधिकारियों का नाम लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन अधिकारियों ने उनके साथ जातिगत उत्पीड़न किया और उनके करियर को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया। इनमें मुख्य रूप से डीजीपी और रोहतक के एसपी पर आरोप लगाए गए हैं। इस मामले में पुलिस ने इन अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
प्रभावित अधिकारियों और सरकार की प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद हरियाणा सरकार ने तत्काल कदम उठाते हुए पूर्व रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारनिया को पद से हटा दिया है। उनकी जगह सुरिंदर सिंह भोरिया को रोहतक का नया एसपी नियुक्त किया गया है। साथ ही, डीजीपी शत्रुजीत कपूर को जांच पूरी होने तक छुट्टी पर भेजा गया है। यह कदम पूरन कुमार की पत्नी, आईएएस अधिकारी अमनीत पूरन कुमार की शिकायत के बाद उठाया गया है, जिसमें उन्होंने अधिकारियों के खिलाफ उत्पीड़न का आरोप लगाया था।
परिवार और राजनीतिक हस्तियों का समर्थन
पूरन कुमार के परिवार को न्याय दिलाने के लिए विभिन्न राजनीतिक नेता और विपक्षी दल सक्रिय हो गए हैं। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी आज उनके घर जाकर परिवार से मिलेंगे और उन्हें सांत्वना देंगे। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात कर सरकार की ओर से समर्थन का आश्वासन दिया है।
आरोपों का विस्तृत विवरण और जांच का वर्तमान चरण
पूरन कुमार के सुसाइड नोट में कुल 13 वरिष्ठ अधिकारियों के नाम हैं, जिनमें मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, पूर्व मुख्य सचिव टी.वी.एस.एन. प्रसाद, पूर्व एसीएस राजीव अरोड़ा, डीजीपी शत्रुजीत सिंह कपूर, रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारनिया और अन्य शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बैचमेट्स मनोज यादव, पी.के. अग्रवाल और टी.वी.एस.एन. प्रसाद ने जातिगत उत्पीड़न किया। उन्होंने गृह मंत्री और मुख्य सचिव को शिकायत भी दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
आत्महत्या का कारण और घटना का विवरण
पूरन कुमार ने 7 अक्टूबर को अपने घर के साउंडप्रूफ बेसमेंट में सर्विस गन से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने अपनी वसीयत में अपनी संपत्ति पत्नी अमनीत पी. कुमार के नाम कर दी थी। घटना के एक दिन पहले उन्होंने अपने अंतिम पत्र में लिखा कि वे अब और नहीं सह सकते। उनकी पत्नी जापान में थीं, जब उन्हें इस घटना का पता चला। बेटी अमुल्या ने जाकर पिता को बेसमेंट में मृत पाया।











