पूरन कुमार सुसाइड केस में महापंचायत की कड़ी मांग
पूरन कुमार सुसाइड मामले में एक महापंचायत ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के वरिष्ठ अधिकारी डीजीपी (DGP) को उनके पद से हटाने की सख्त मांग की है। इस महापंचायत ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस मांग को पूरा नहीं किया, तो देशभर में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस संदर्भ में महापंचायत ने सरकार को मात्र 48 घंटे का अंतिम समय सीमा दी है।
कैबिनेट बैठक में नहीं हुआ कोई निर्णय, परिवार का अड़ा रवैया
IPS पूरन कुमार के सुसाइड केस की जांच के लिए गठित 6 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का नेतृत्व चंडीगढ़ (Chandigarh) के आईजी पुष्पेंद्र कुमार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि FIR में धारा 3(2)(v) भी जोड़ी गई है। पूरन कुमार के परिवार ने अभी तक पोस्टमार्टम के लिए अपनी सहमति नहीं दी है, जब तक उनकी मुख्य मांगें पूरी नहीं हो जातीं।
हरियाणा सरकार ने शनिवार को रोहतक (Rohtak) के पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारनिया को हटा दिया। यह वही अधिकारी थे जिनके खिलाफ पूरन कुमार की पत्नी ने आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी।
इसके बाद, एक आधिकारिक आदेश में सुरिंदर सिंह भोरिया को रोहतक का नया एसपी नियुक्त किया गया है। उन्होंने अपनी नई तैनाती का कार्यभार भी संभाल लिया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि बिजारनिया की तैनाती का आदेश अलग से जारी किया जाएगा।









