शिंदे का उद्धव ठाकरे पर तीखा प्रहार
एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर कड़ा हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं करते, वे किसानों के समर्थन में मार्च नहीं निकाल सकते। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ठाकरे की छत्रपति संभाजीनगर की रैली को उन्होंने ‘मगरमच्छ के आंसू’ करार दिया है।
सत्ता और विपक्ष पर शिंदे का आरोप
शिंदे ने विपक्ष पर ‘दर्द पर राजनीति करने’ का आरोप लगाते हुए कहा कि जब सत्ता उनके हाथ से फिसलती है, तो वे केवल रोते हैं। यह किसानों के प्रति सच्चा प्रेम नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारी महायुति सरकार केवल नारों के लिए नहीं, बल्कि वास्तविक समाधान खोजने के लिए काम कर रही है। उल्लेखनीय है कि पिछले महीने महाराष्ट्र में भारी बाढ़ के कारण कई इलाके डूब गए थे, जिसमें 41000 से अधिक लोग प्रभावित हुए। सबसे अधिक प्रभावित जिले सोलापुर, जालना, छत्रपति संभाजी नगर और धाराशिव थे।
सरकार की राहत और सहायता योजनाएं
शिंदे ने बताया कि जब फसलें, जमीन, पशुधन और घर तबाह हो गए थे, उस समय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री अजित पवार और अन्य मंत्रियों ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने सुनिश्चित किया कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के नियम किसानों की मदद में बाधा न बनें। राज्य सरकार ने 31628 करोड़ रुपये का राहत पैकेज भी घोषित किया है, जिसमें दिवाली से पहले ही किसानों को 10000 रुपये की तत्काल सहायता दी गई है। इसके अतिरिक्त, जिन किसानों की फसलें नष्ट हुई हैं, उन्हें प्रति हेक्टेयर 48000 रुपये और मनरेगा योजना के तहत प्रति हेक्टेयर 3.47 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी। शिंदे ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के सहयोग से राज्य और केंद्र सरकार मिलकर किसानों की मदद के लिए काम कर रहे हैं, ताकि किसी भी किसान को कोई परेशानी न हो।










