अंकिता भंडारी मामले में दिल्ली में सीबीआई जांच की प्रगति
अंकिता भंडारी के माता-पिता ने दिल्ली के केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) मुख्यालय पहुंचकर वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की और इस जाँच से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी प्राप्त की। सीबीआई ने उन्हें भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष और न्यायसंगत जांच की जाएगी। इस बीच, उत्तराखंड के देहरादून में कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन के रूप में बाइक रैली निकाली, जिससे इस मुद्दे की गंभीरता और जनता की नाराजगी स्पष्ट हुई।
उत्तराखंड में राजनीतिक विवाद और आरोप-प्रत्यारोप
कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि अंकिता भंडारी मामले में सामने आए सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस व्यक्ति का नाम इस प्रकरण में सार्वजनिक चर्चा का विषय बना है, उसे राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद पर नियुक्त किया जाना जनता की भावनाओं को आहत करने वाला कदम है। शैलजा ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा, केंद्र और राज्य सरकार इस व्यक्ति को बचाने का प्रयास कर रही हैं। साथ ही, उन्होंने पूछा कि कथित ऑडियो और अन्य आरोपों की जांच किस दिशा में आगे बढ़ रही है।
जांच की पारदर्शिता और जनता का अधिकार
कांग्रेस नेता ने जांच की प्रगति को सार्वजनिक करने की मांग उठाई और कहा कि जनता का यह अधिकार है कि वह जान सके कि मामले की जांच कहां तक पहुंची है और किन कदमों को उठाया गया है। इस दौरान पार्टी ने अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कांग्रेस ने यह भी कहा कि इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और आरोपों की जांच कानून के अनुसार ही होनी चाहिए। प्रदर्शन के माध्यम से कांग्रेस ने अपनी मांगें दोहराई और राज्य सरकार से जवाबदेही तय करने तथा इस मामले में उठ रहे सवालों का स्पष्ट उत्तर देने की अपील की।











