दिल्ली की रामलीला में रावण के साथ 30 फुट का कॉकरोच जलाने का अनूठा आयोजन
दिल्ली की एक प्रसिद्ध रामलीला में इस बार रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के साथ ही 30 फुट ऊंचा एक विशाल कॉकरोच भी जलाया जाएगा। यह आयोजन पीतमपुरा स्थित श्री केशव रामलीला कमेटी द्वारा तय किया गया है, जो ऐसे समय में हुआ है जब राजधानी में जनता पार्टी (CJP) मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है।
कमेटी का मानना है कि यह विशाल कॉकरोच गंदगी और अस्वच्छता का प्रतीक है, जिसे जलाकर स्वच्छता का संदेश फैलाना उनका उद्देश्य है। वहीं दूसरी ओर, CJP ने कनॉट प्लेस में तिरंगे के साथ प्रदर्शन करने की अपील की है, जिसके कारण दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
स्वच्छता और राजनीतिक संदेश के साथ कॉकरोच का प्रतीकात्मक प्रदर्शन
कमेटी के अध्यक्ष और बीजेपी विधायक अशोक गोयल ने बताया कि यह पहल स्वच्छ भारत और स्वच्छ दिल्ली अभियान का हिस्सा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस आयोजन का कोई राजनीतिक मकसद नहीं है। गोयल का कहना है कि यह पुतला बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक भी बनेगा। इस विशाल कॉकरोच को रावण की सेना के असुरों के रूप में भी दिखाया जाएगा।
आपको बता दें कि CJP (कंटेम्पररी जस्टिस पार्टी) एक व्यंग्यात्मक विरोध आंदोलन के रूप में स्थापित हुई थी। मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से की थी, जिस पर सोशल मीडिया पर भारी नाराजगी देखने को मिली। इसके बाद संगठन ने कॉकरोच को बेरोजगारी, परीक्षाओं में गड़बड़ी और सरकार की जवाबदेही जैसे मुद्दों का प्रतीक बना लिया।
राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन का सिलसिला
जून और जुलाई में CJP ने जंतर मंतर पर एक महीने का धरना दिया था। 20 जुलाई को उन्होंने संसद तक मार्च निकाला, जिसके बाद पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। अब यह संगठन विपक्षी दलों और छात्र संगठनों के साथ मिलकर ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग कर रहा है। यह मामला मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण में कथित गड़बड़ियों से जुड़ा है।
10 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने मुंबई से आई एयर इंडिया की फ्लाइट में सवार होकर आए CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लिया। इन तीनों को जंतर मंतर पहुंचने से पहले ही विमान से उतार लिया गया। कुछ दिनों बाद, दास और रांका को बॉन्ड की शर्तें तोड़ने और जंतर मंतर में घुसपैठ के आरोप में तिहाड़ जेल भेजा गया।
इसके बाद दिपके ने लोगों से कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में राष्ट्रीय ध्वज के साथ प्रदर्शन करने का आह्वान किया। उन्होंने इसे तिरंगा फहराने के अधिकार की रक्षा से जोड़ा है। जो लोग दिल्ली नहीं पहुंच सकते, उनसे अपने शहरों में झंडा मार्च निकालने की अपील की गई है।
सुरक्षा के मद्देनजर अर्धसैनिक बलों की कई कंपनियां तैनात की गई हैं। कनॉट प्लेस और जंतर मंतर के आसपास कड़ी निगरानी रखी जा रही है। दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को प्रदर्शन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। ताजा प्रदर्शनों में कार्यकर्ता, छात्र और पत्रकार भी हिरासत में लिए गए हैं।











